दुर्घटना राहत मेडिकल गाड़ी अब नए रूप में

पुणे. किसी दुर्घटना के दौरान यात्रियों को तुरंत चिकित्सा सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से पुणे रेल मंडल को नई और आधुनिक मेडिकल राहत ट्रेन उपलब्ध कराई गई है. पुणे मंडल की मंडल रेल प्रबंधक रेणु शर्मा ने अधिकारियों के साथ इस गाड़ी का निरीक्षण कर इसका विस्तृत जायजा लिया.शर्मा ने आशा व्यक्त की है कि इस नई व्यवस्था से निश्चित ही रेल कार्यप्रणाली की कुशलता बढ़ेगी और काम को और गति मिलेगी.

पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज झंवर ने बताया कि आधुनिक तकनीक से सज्जित इस दुर्घटना राहत मेडिकल गाड़ी में दोनों तरफ इनबिल्ट इंजन लगे हैं जिससे इसे दोनों दिशाओं में शीघ्रता से चलाने में मदद मिलेगी. सेल्फ प्रोपेल्ड होने से इसमें इंजन को अलग से लगाने की झंझट से छुटकारा मिल गया है. जिससे समय की बहुत बचत होगी.अब इसे बिना किसी देरी के किसी दुर्घटना की स्थिति में बहुत कम समय में दुर्घटना स्थल की ओर रवाना किया जा सकता है.

दवाएं, उपकरण, ऑक्सीजन सिलेंडर जैसी जरूरी सुविधाएं भी मौजूद 

3 डिब्बों की आधुनिक मेडिकल राहत गाड़ी में टूल वेन, ऑपरेशन थिएटर और स्टाफ के बैठने की जगह है. इसे रेल कोच फैक्ट्री चेन्नई द्वारा सेल्फ प्रोपेल्ड बनाया गया है इसके पहले यहां परंपरागत तरीके की चिकित्सा राहत गाड़ी थी, जिसे इंजन लगाकर चलाया जाता था. मेडिकल यान दुर्घटनाओं के दौरान यात्रियों को बचाने के लिए राहत कार्यों में उपयोग की जाती है. इस मेडिकल रिलीफ ट्रेन में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की टीम, सीमित संख्या में बेड और अंदर एक ऑपरेशन थिएटर है, जहां घायल यात्रियों के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं, उपकरण, ऑक्सीजन सिलेंडर जैसी जरूरी सुविधाएं भी मौजूद रहती हैं. वास्तव में मेडिकल रिलीफ ट्रेन एक ऑपरेशन थिएटर ऑन व्हील है. यह संकेत है कि किसी भी आपदा की स्थिति में रेलवे निश्चित ही संवेदनशीलता के साथ रेल यात्रियों की सुरक्षा और दुर्घटना में उनके स्वास्थ्य के उचित देखभाल तथा बचाव के लिए हर संभव प्रयास करता है.

 इनकी रही उपस्थिति

मेडिकल राहत गाड़ी के निरीक्षण के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती नीलम चंद्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय आठवले, वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीति आहूजा, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर विजय सिंह दडस, वरिष्ठ मंडल सेफ्टी ऑफिसर देवेंद्र कुमार, स्टेशन डायरेक्टर संजय कुमार सहित कई अधिकारी पर्यवेक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे. इसका संयोजन यांत्रिक विभाग के प्रमुख विजय सिंह दडस और उनकी टीम ने किया.