टेंडर प्रक्रिया के लिए प्रशासकीय मंजूरी आवश्यक

  • मनपा कमिश्नर विक्रम कुमार के निर्देश

पुणे. महापालिका के आम सभा ने 2020-21 के बजट को मंजूरी दी है, लेकिन कोरोना की वजह से बजट में प्रावधान किए गए विकास कामों की प्रक्रिया नहीं हो रही है. 6 माह से यह काम रुक गए है, लेकिन अब इन कामों को गति मिलने के असार जताए जा रहे है. ये काम व इससे सम्बंधित टेंडर प्रक्रिया शुरू करें. ऐसे निर्देश स्थायी समिति मनपा प्रशासन से दिए थे. साथ ही इससे सम्बंधित एक प्रस्ताव राज्य सरकार के लिए भेजने के निर्देश भी प्रशासन से दिए गए थे. इसके अनुसार अब मनपा प्रशासन ने भी इसकी गतिविधिया तेज कर दी है. इस बीच मनपा आयुक्त विक्रम कुमार ने नाराजगी जताई है कि टेंडर प्रक्रिया के लिए प्रशासकीय मंजूरी नहीं ली जाती. आगामी काल में यह मंजूरी आवश्यक है. ऐसे निर्देश मनपा कमिश्नर द्वारा दिए गए है.

कोरोना का मनपा बजट पर असर

कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन की वजह कई क्षेत्र प्रभावित हो चुके हैं. महापालिका के मौजूदा साल के बजट पर भी इसका असर हुआ है. क्योंकि राज्य सरकार के निर्देशानुसार अब बजट में प्रस्तावित एक भी नए योजना पर खर्चा नहीं किया जाएगा. सिर्फ देखभाल और मरम्मत के काम किए जाएंगे. उसके लिए सिर्फ 33 प्रतिशत निधि अदा किया जाएगा. साथ ही जो आवश्यक काम हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. उसके बाद सरकार ने निर्देश दिए थे कि कोई भी नया काम ना करें. इससे विकास काम प्रभावित हुए हैं.

25 करोड़ के अधिक कामों के अधिकार कमिश्नर के पास

महापालिका का वित्तिय साल 2020-2021 का अंतिम बजट स्थायी समिति के अध्यक्ष हेमंत रासने 26 फरवरी को आम सभा में पेश किया था. मनपा प्रशासन द्वारा 6 हजार 229 करोड़ का बजट समिति को पेश किया था. अब इस बजट में प्रस्तावित की गई एक भी योजना नहीं पूरी हो सकती. क्योंकि कोरोना की वजह से सिर्फ 33% निधि इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है. उसके बाद सरकार ने कोई भी काम ना करने के लिए कहा था. इस बीच बजट में प्रावधान किए गए विकास कामों की प्रक्रिया नहीं हो रही है. 4-5 माह से यह काम रुक गए है. अब ये काम और इससे सम्बंधित टेंडर प्रक्रिया शुरू करें. ऐसे निर्देश स्थायी समिति मनपा प्रशासन से दिए थे.  साथ ही इससे सम्बंधित एक प्रस्ताव राज्य सरकार के लिए भेजने के निर्देश भी प्रशासन से दिए गए थे. 

मनपा प्रशासन ने भी इसकी गतिविधिया तेज कर दी

इसके अनुसार अब मनपा प्रशासन ने भी इसकी गतिविधिया तेज कर दी है. आवश्यक कामों के टेंडर लगाने को लेकर प्रशासन द्वारा निर्देश दिए गए है. इस बीच मनपा कमिश्नर विक्रम कुमार ने नाराजगी जताई है कि टेंडर प्रक्रिया के लिए प्रशासकीय मंजूरी नहीं ली जाती. आगामी काल में यह मंजूरी आवश्यक है. ऐसे निर्देश मनपा आयुक्त द्वारा दिए गए है. मनपा कमिश्नर के निर्देशानुसार 25 लाख तक के कामों के टेंडर क्षेत्रीय कार्यालय, 1 करोड़ तक के टेंडर विभाग प्रमुख, 1 से 25 करोड़ तक विकास कामों के टेंडर के अधिकार अतिरिक्त कमिश्नर को दिए गए है. तो 25 करोड़ से अधिक राशि के विकास कामों के टेंडर के अधिकार कमिश्नर के पास रखे है. इसके अनुसार इस पर तत्काल अमल करने के निर्देशा कमिश्नर ने प्रशासन से दिए है.