After raping an innocent girl, the accused of her ruthless murder arrested after 3 years

    पिंपरी. पड़ोस में रहनेवाली एक 7 साल की मासूम बच्ची को अगवा (Kidnapping) कर उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी बड़ी निर्ममता से हत्या (Brutally Murdered) कर दी। इसके बाद उसकी लाश को पिंपरी चिंचवड़ (Pimpri Chinchwad) के पिंपरी स्थित एचए कंपनी (HA Company) के मैदान की झाड़ियों में फेंक दी। 27 सितंबर 2018 में सामने आई इस भीषण घटना का आरोपी, जो विगत 3 साल से पिंपरी पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था, आखिरकार कानपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जब उसे हिरासत में लेने के लिए पिंपरी पुलिस की टीम वहां पहुंची तब पहले तो उसने बेहोश होने का नाटक किया फिर गिड़गिड़ाते हुए रोने लगा। मुझे यहीं सजा दे दो लेकिन पिंपरी चिंचवड़ में मत ले जाओ, ऐसा कहते हुए वह रोते बिलखते रहा।

    क्या है पूरा मामला

    आरोपी का नाम राजकुमार उर्फ प्यारेलाल चंद्रप्रकाश कुरील (32) कानपूर का निवासी है। वह नौकरी के लिए पिंपरी में रहता था। उसने 24 सितंबर को उसने पड़ोस में रहने वाली एक सात साल की बच्ची को घर के पास से अगवा कर लिया। उसे नेहरूनगर रोड पर एचए कंपनी के मैदान में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसके बाद बड़ी निर्दयता से उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने बच्ची की लाश को वहीं झाड़ियों में फेंक दिया और फरार हो गया। 27 सितंबर को बच्ची की लाश बरामद हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ दुष्कर्म किये जाने की पुष्टि हुई। 

    पहले पिता फिर मां ने तोड़ा दम, टूट गया पूरा परिवार

    यह नृशंस मामला सामने आने के बाद पिंपरी पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। बच्ची के घर से घटना स्थल तक रास्ते मे लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर आरोपी की शिनाख्त हो गई। हालांकि कुछ लापरवाही से आरोपी को उसके शिनाख्त होने की भनक लग गई और वह भाग निकला। उसे पकड़ने के लिए पिंपरी पुलिस जंग जंग पछाड़ती रही। कई टीमें भेष बदलकर कई कई दिनों तक उत्तर प्रदेश में उसके गांव- घर और अन्य जगहों की खाक छानती रही, मगर आरोपी उनके हाथ न लग सका। हालांकि पुलिस उसकी खोजबीन में जुटी रही। यहां अपनी मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध से टूट चुके उसके पिता की कुछ दिन बाद सदमे से मौत हो गई। कुछ दिन पहले उसकी मां ने भी दम तोड़ दिया। 

    पहले बेहोशी का नाटक फिर लगा रोने- गिड़गिड़ाने

    पिंपरी पुलिस की टीम राजकुमार के गांव में घर के आसपास तब भी जमी रही जब उसके घर में मौतें हुई। मगर वह किसी के अंतिम संस्कार के लिए भी गांव या घर में नहीं आया। यहां आरोपी राजकुमार की तलाश में कानपूर नगर पुलिस भी जुटी रही। कानपुर नगर के सभी थानों में उसके फरारी के पोस्टर लगाए गए थे। अंततः कानपुर नगर पुलिस ने उस पर शिकंजा कस ही लिया। इसकी सूचना पिंपरी चिंचवड़ पुलिस को दी गई। पिंपरी पुलिस की टीम उसे हिरासत में लेने के लिए कानपुर पहुंची। वहां उसे कानपुर पुलिस के पास से अपनी हिरासत में लिया। पिंपरी पुलिस की टीम को देखकर आरोपी राजकुमार रोने गिड़गिड़ाने लगा। मुझे यहीं सजा दे दो पिंपरी चिंचवड़ मत ले जाओ ऐसी गुजारिश करने लगा। कुछ देर तक उसने बेहोश होकर गिरने का नाटक भी किया लेकिन पुलिस के आगे उसकी एक न चली। पिंपरी पुलिस उसे लेकर रवाना हो गई।