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  • महापौर मुरलीधर मोहोल ने दी जानकारी

पुणे. महापौर मुरलीधर मोहोल (Mayor Muralidhar Mohol) ने बताया कि शहर के महापालिका और निजी स्कूलों ने 3 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। कोरोना (Corona) के चलते छात्रों के स्वास्थ्य का विचार कर यह निर्णय लिया गया है। कोरोना के चलते अभिभावकों का भी स्कूलों को कम प्रतिसाद मिल रहा है। इस वजह से स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। ऐसा महापौर ने बताया।

14 दिसंबर को शुरू होने वाले थे स्कूल

पुणे शहर में 14 दिसंबर से स्कूल शुरू होने थे। हालांकि, महापौर मोहोल ने माता-पिता के सहयोग पर चर्चा करने और कोरोना की वर्तमान स्थिति पर विचार करने के बाद स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है। महापालिका प्रशासन ने इस संबंध में लिखित आदेश भी जारी कर दिए हैं।  

पिछली बार, स्कूल शुरू करने के बारे में माता-पिता से केवल 5% गारंटी मिली थी।  इस बार भी वही स्थिति देखी जा रही है। मेयर मोहोल ने कहा कि कोरोना की स्थिति अभी नियंत्रण में है। हालांकि, तस्वीर यह है कि माता-पिता स्कूल शुरू करने के बारे में बहुत सकारात्मक नहीं हैं। साथ ही, बच्चों का स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और हमने सभी बातों पर चर्चा करने के बाद यह निर्णय लिया है। हम कोरोना संक्रमण और अन्य मुद्दों की समीक्षा करने के बाद 3 जनवरी से पहले अगला निर्णय लेंगे।

8 हजार में से सिर्फ 1653 अभिभावक राजी

महापालिका के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश जगताप ने कहा कि स्कूल शुरू करने को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा जांच सूची जारी की थी। इसमें स्वच्छता, स्वास्थ्य, सैनिटाइज़र, ऑक्सीमीटर, यातायात व्यवस्था, अध्यापकों की कोरोना की जांच रिपोर्ट, स्कूल प्रबंधन प्रमाणपत्र, क्लास रूम का प्रबंधन ऐसे सभी बातों का समावेश था।

हमारी ओर से पूरी जांच की जा रही थी। अध्यापक भी तैयार हैं। लेकिन इसमें अभिभावक तैयार नहीं हो रहे हैं। उनमें अब भी डर का माहौल है। जगताप के अनुसार मनपा के स्कूलों के 8 हजार अभिभावकों में से सिर्फ 1683 अभिभावक ही बच्चों को स्कूल भेजने के लिए  राजी थे। जबकि यह प्रमाण 15% है। सरकार के नियमानुसार यह प्रमाण 40% होना चाहिए। इसलिए स्कूल बंद रखने का फैसला महापौर द्वारा लिया गया है।