Ganesh Bidkar

    पुणे. राज्य सरकार को महानगरपालिका के विषय समितियों की बैठकों पर से प्रतिबंध हटाने चाहिए और इन समितियों की बैठकों की अनुमति देनी चाहिए। सभागृह नेता गणेश बिडकर (Ganesh Bidkar) ने मांग की है कि इस संबंध में तत्काल आदेश जारी किया जाए। बिडकर ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray), उपमुख्यमंत्री अजीत पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar), शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे और प्रमुख सचिव, शहरी विकास महेश पाठक को मांग का पत्र (Letter) भेजा है।

    पुणे समेत पूरे राज्य में कोरोना का प्रकोप बढ़ने के कारण राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर पिछले दो महीने से लॉकडाउन लगा दिया था। स्थायी समिति, शहर सुधार समिति, कानून, महिला एवं बाल कल्याण एवं अन्य विषय समितियों की बैठकें प्रतिबंधित हैं। 

    रुके हुए हैं कई प्रस्ताव 

    नगर निगम को छह मई के आदेश को हटाकर उसके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इसलिए इन विषय समितियों की बैठक पिछले माह से नहीं हो रही है। इसके चलते कई प्रस्ताव रुके हुए हैं। पिछले आठ दिनों से कोरोना की स्थिति में सुधार हो रहा है। पुणे शहर में रोजाना मिलने वाले पॉजिटिव मरीजों की संख्या साढ़े छह हजार से घटकर पांच सौ हो गई है। इसलिए राज्य सरकार ने लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील दी है। राज्य सरकार ने विभिन्न नगरपालिकाओं को सैद्धांतिक अनलॉक के आदेश भी भेजे हैं।  अनलॉक आदेश आम नागरिकों के साथ-साथ उनके हाथों पर पेट रखने वालों के बाधित जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर रहा है।  मानसून की शुरुआत के कारण, मानसून से पहले काम ठप हो जाता है। बारिश की स्थिति में नगर निगम प्रशासन को कई निर्देश देने की जरूरत है। इसलिए महानगरपालिका की इन विषय समितियों की बैठकें करना आवश्यक है।

    नया आदेश भेजा जाए

    गणेश बिडकर द्वारा भेजे गए पत्र में मांग की है कि शहर में रुके हुए विकास कार्यों को पूरा करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण रणनीतिक निर्णय लेने के लिए इन समितियों की बैठकों पर लगाई गई पाबंदियों को हटाने के लिए नगर निगम प्रशासन को नया आदेश भेजा जाए।

    कोरोना का प्रसार कम हुआ है इसलिए राज्य सरकार को स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए और समिति की बैठकें आयोजित करने का स्पष्ट आदेश देना चाहिए। यदि राज्य सरकार तुरंत नया आदेश जारी करती है तो समितियों के समक्ष महत्वपूर्ण मुद्दों और अन्य मुद्दों का समाधान किया जाएगा।

    -गणेश बिडकर, सभागृह नेता, पुणे महानगरपालिका