Attempt to connect Chenab litigants with Maharashtra

    पुणे. चिनाब (Chenab) की वादियों को महाराष्ट्र (Maharashtra) के साथ जोड़ने की दिशा में ‘सरहद’ की ओर से अनोखी पहल की गई है। इसके तहत इस इलाके में वॉर मेमोरियल (War Memorial), स्कूलों के निर्माण (Building Schools) के साथ-साथ विभिन्न प्रकल्पों की शुरुआत करने के लिए नायब राज्यपाल के साथ सरहद के प्रतिनिधि मंडल ने चर्चा की। इस सकारात्मक चर्चा से पुणे-चिनाब घाटी के दोस्ती की नई कहानी (New Story) लिखी जा रही है।

    कश्मीर के हिंसाचार से परेशान इलाकों में बच्चों की शिक्षा के लिए पुणे की ‘सरहद’ और ‘अर्हम फाउंडेशन’ की ओर से जम्मू को महाराष्ट्र के साथ जोड़ने के लिए प्रयास शुरू किए है। प्राकृतिक सुंदरता से लैस, लेकिन अनदेखी का सामना करने वाले चिनाब की वादियों में स्थित इलाकों में शिक्षा, पर्यटन विकास की दृष्टि से विकास कार्य किए जाएंगे। इसके संदर्भ में ‘सरहद’ के संजय सोनवणी, अर्हम फाउंडेशन के संस्थापक डॉ। शैलेश पगारिया, सरहद के जम्मू संघटक तरुण उप्पल ने इसके संदर्भ में नायब राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर उनसे चर्चा की।

     वॉर मेमोरियल और पर्यटन स्थलों का विकास

    यह पूरा परिसर एक समय में आतंकवादियों की कार्रवाइयों से लहुलुहान हो चुका है। इस परिसर के दोडा में वॉर मेमोरियल का निर्माण, चिनाब घाटी के अज्ञात पर्यटन स्थलों को दुनिया के सामने लाना, यहां के खेत माल को महाराष्ट्र में बाजार उपलब्ध कराना, स्थानीय किसानों के उत्पादन के स्रोतों को बढ़ाना, ऐसे विभिन्न कार्य यहां किए जाएंगे।

    कॉफी टेबल बुक का प्रकाशन

    इस समय संजय सोनवणी ने कहा कि ‘सरहद’ ने चिनाब के प्राकृतिक सुंदरता से भरे विभिन्न स्थलों को दर्शाने वाला कॉफी टेबल बुक तैयार किया है। इससे पर्यटकों का ध्यान चिनाब की सुंदर वादियों की ओर जाएगा। डॉ। शैलेश पगारिया ने कहा कि इस इलाके में स्कूल शुरू होने के बाद दूरदराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों को बेहतरीन शिक्षा प्राप्त होगी। यहां शिक्षा अर्जित करने वाले होनहार छात्रों के उच्च शिक्षा की पुणे में व्यवस्था की जाएगी। इस दिशा में हमें आगे बहुत काम करना है।