कोरोना के चलते भीमाशंकर, लोनावला समेत वर्षा कालीन पर्यटन स्थल बंद

पिंपरी. महामारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते इस साल बरसाती सैर सपाटे के लिए पुणे जिले में आनेवाले सैलानियों को निराशा हाथ लगेगी क्योंकि जिला प्रशासन ने लोनावला, भीमाशंकर समेत जिले के बरसाती पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. इस बारे में जिलाधिकारी नवलकिशोर राम ने आदेश जारी किए हैं. इस आदेश के उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 188 और भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा.

 जिला प्रशासन ने लगाया पर्यटन पर प्रतिबंध 

जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान आने वाले पर्यटकों के लिए भीमाशंकर क्षेत्र में पर्यटन पर प्रतिबंध लगा दिया है. पुणे ग्रामीण पुलिस ने ट्वीट करके पर्यटकों को इस बारे में सूचित किया है. घोडेगांव पुलिस ने पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और नागरिकों की सुरक्षा के कारण यह निर्णय लिया गया. आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत क्षेत्र में पर्यटन पर प्रतिबंध के कारण पर्यटक क्षेत्र में भीमाशंकर और डिंबे बांध में सैर सपाटा नहीं कर पाएंगे.

भूशी डैम भी बंद

लोनावाला में बरसाती पर्यटन का पसंदीदा स्थल भूशी डैम इस साल पर्यटकों के लिए नहीं खोला जाएगा. यहां बारिश के मौसम के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक इस स्थान पर आते हैं. पुणे के जिलाधिकारी नवलकिशोर राम ने कोरोना की पृष्ठभूमि पर भुशी बांध को पर्यटकों के लिए बंद रखने का आदेश दिया है. लोनावला में भुशी डैम और लोनावला क्षेत्र में पर्यटक स्थलों की तरह के अलावा पुणे जिले में मुलशी डैम और तामिनी घाट क्षेत्र, हवेली तालुका में खड़वासला डैम, आंबेगांव तालुका में भीमाशंकर, जुन्नर तालुका में मालशेज घाट, भोर तालुका में भाटघर बांध व गडकिल्ले परिसर, वेल्हा तालुका में पानशेत व परिसर को इस साल बंद रखा जायेगा.

शनिवार-रविवार को होती थी भीड़

इन सभी परिसरों में पर्यटन के लिए हर सप्ताह शनिवार और रविवार को बड़े संख्या में सैलानी आते हैं. बरसात के मौसम में तो यहां लोगों की भीड़ लग जाती है, क्योंकि इस मौसम में यहां की कुदरती सुंदरता और भी खिल जाती है. बरसाती पर्यटन के लिए भारी भीड़ उमड़ने से स्थानीय लोगों की कमाई भी होती है. हालांकि, इस साल कोरोना की वजह से बरसाती पर्यटन के इन पसंदीदा स्थलों को बंद रखा जायेगा. एहतियात के तौर पर जिलाधिकारी ने भुशी डैम और लोनावला क्षेत्र के साथ-साथ पुणे जिले के सभी बांध क्षेत्रों में पर्यटन पर प्रतिबंध लगा दिया है.