भाजपा विधायक महेश लांडगे भी कोरोना ग्रस्त

– हाईरिस्क कॉन्टैक्ट में आनेवालों की भी बढ़ी चिंता

पिंपरी.भाजपा के विधायक एवं पिंपरी-चिंचवड़ शहराध्यक्ष महेश लांडगे भी कोरोना संक्रमित पाए जाने से पिंपरी-चिंचवड़ शहर के सियासी गलियारों में खलबली मच गई है. उनके विधानसभा क्षेत्र भोसरी में कोरोना के कई हॉटस्पॉट हैं, सामाजिक दायित्व को निभाते वक्त वे कई लोगों के साथ संपर्क में आये थे. हाल ही में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ वाईसीएम हॉस्पिटल, जहां शहर के सर्वाधिक कोरोना मरीजों का इलाज जारी है, का दौरा किया था.

इसके अलावा विधानभवन में उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कई आला नेताओं के साथ हुई बैठक में भी वे शामिल हुए थे.ऐसे में उनके हाईरिस्क कॉन्टैक्ट में आनेवालों की चिंता भी बढ़ गई है.

अस्पताल में इलाज जारी 

मुंबई के बाद पुणे और अब पिंपरी-चिंचवड कोरोना महामारी का नया हॉटस्पॉट बन गया है. यहां रोजाना सौ से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं. शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या ढाई हजार पार कर तीन हजार की ओर बढ़ रही है. उसी में अब भोसरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक और पार्टी के शहराध्यक्ष महेश लांडगे के भी कोरोना संक्रमित पाए जाने से खलबली मच गई है. उनका थेरगांव के एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है. खुद विधायक ने ट्वीट कर इसकी पुष्टि की है. अब उनके हाईरिस्क कॉन्टैक्ट में आनेवाले उनके परिवार, कार्यकर्ता, सुरक्षा कर्मचारी, सरकारी अधिकारियों, राजनेताओं और नगरसेवकों की जांच की जा रही है.

फडणवीस के साथ वाईसीएम हॉस्पिटल का किया था दौरा 

चंद दिन पहले ही विधायक महेश लांडगे ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ वाईसीएम हॉस्पिटल का दौरा किया था. तब उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ विधायक लक्ष्मण जगताप, पूर्व सांसद अमर साबले समेत पार्टी के कई आला नेता, नगरसेवक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता थे. इसके बाद पुणे के काउंसिल हाल  में राष्ट्रवादी कांग्रेस के मुखिया शरद पवार, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार समेत कई वरिष्ठ नेता, मंत्री और आला सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में कोरोना पर अहम बैठक हुई थी, उसमें भी विधायक लांडगे शामिल हुए थे. पिछले सप्ताह वे पिंपरी-चिंचवड़ मनपा मुख्यालय पहुंचे थे और मनपा आयुक्त श्रावण हार्डिकर से मुलाकात की थी. कुल मिलाकर वे कई नेता, मंत्री, विधायक, नगरसेवक, कार्यकर्ता, सरकारी और मनपा अधिकारियों के संपर्क में आये हैं .ऐसे में उनके हाईरिस्क कॉन्टैक्ट में आनेवालों में से किस-किस की जांच होगी? यह तय करना थोड़ा मुश्किल होगा.