arrest

पिंपरी. शराब के नशे में चूर एक युवक ने अपने बीमार फूफा को जिंदा जला दिए जाने की घटना से पूरे पुणे जिले में खलबली मच गई है.पिंपरी-चिंचवड़ से सटे मावल तालुका के तलेगांव में मंगलवार के तड़के यह घटना घटी है. इस घटना के बाद मौके से भाग निकले आरोपी को तलेगांव दाभाड़े पुलिस ने चंद घंटों के भीतर पकड़कर सलाखों के पीछे डाल दिया.

पूरे मावल तालुका में सनसनी फैला कर रख देनेवाली इस घटना में मरनेवाले का नाम विजय सिंह भगवान सिंह जवेरी (55) है. इस बारे में उनकी पत्नी मीना विजय सिंह जवेरी (47) ने तलेगांव दाभाडे पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. इसके आधार पर पुलिस ने नारायण सिंह विजय सिंह जवेरी (25) को गिरफ्तार कर लिया है.

शराब पीकर परेशान करता था भतीजा  

तलेगांव दाभाड़े पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अमरनाथ वाघमोड़े ने बताया कि मीना जवेरी के पति का ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन होने के बाद वे गत कई साल से बिस्तर पर हैं.उनका पुत्र अपनी पत्नी और बेटे के साथ इंदौर में व्यापार करता है. आरोपी नारायण सिंह जवेरी उनका भतीजा (छोटे भाई का पुत्र) है. वह अपने माता-पिता और भाई को शराब पीकर काफी परेशान करता था.इसलिए उन्होंने अपने भाई और उसके परिवार को 15 दिन पहले पंढरपुर से बुला लिया और तलेगांव में अपने घर के पीछे रहने के लिए मकान दिलाया.

नारायण सिंह के बर्ताव में बदलाव नहीं आया 

तलेगांव में आने के बाद भी नारायण सिंह के बर्ताव में बदलाव नहीं आया और यहां भी वह शराब पीकर अपने घरवालों से झगड़ा करता था.कई बार उसकी बुआ मीना उनका झगड़ा सुलझाने भी गई.कल दिनभर भी वह घरवालों से झगड़ता रहा, इसकी वजह से रात को जब लौटा तब उसके घरवालों ने उसे घर में आने नहीं दिया. इसके गुस्से में तड़के 3 बजे नारायणसिंह बुआ के घर गया और पत्थर से दरवाजा पीटने लगा और उसे उनके घर से सोने देने के लिए उन्हें और उनके पति को जान से मारने की धमकी देने लगा. डर के मारे मीना ने दरवाजा खोला और अपनी मकान मालकिन के पास भागी. मकान मालकिन के बेटे प्रसाद ने भी नारायणसिंह को काफी समझाने की कोशिश की मगर वह सुनने के लिए तैयार न था.वह बार-बार मीना को मारने के लिए दौड़े जा रहा था.इसके चलते उन्होंने उसे अपने घर में धकेल कर बाहर से दरवाजा बन्द कर लिया. तड़के 4 बजे के करीब मीना पुलिस थाने गई और पूरी हकीकत बताई.जब पुलिस उनके साथ आयी तब उनके घर से धुंआ निकलता नजर आया.अंदर देखा तो उनके पति विजयसिंह आग में लिपटे नजर आए. पुलिस ने आग बुझाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया जहां उन्हें मृत घोषित किया गया.इसके बाद पुलिस ने चंद घंटों में नारायणसिंह को गिरफ्तार कर लिया.