और 9 परिजनों को दिए गए 25 लाख के चेक

    पुणे. शहर में कोरोना (Corona) ने कोहराम मचा के रखा है। इसका प्रकोप रोकने के लिए पुणे महानगरपालिका प्रशासन (Pune Municipal Corporation Administration) ने सभी कर्मी काम पर लगाए थे। पुणे महानगरपालिका (PMC) ने कर्मियों के लिए 1 करोड़ का सुरक्षा कवर (Protective Cover) घोषित किया है। कोरोना संक्रमण से अब तक पीएमसी के करीब 71 कर्मियों की मृत्यु हुई है। इन कर्मियों के परिवारों को अब नियमानुसार मदद देने की प्रक्रिया जारी थी। इस बीच, इसको लेकर हाल ही में सर्वदलीय नेताओं के साथ महापौर ने बैठक ली थी।  साथ ही आम सभा मंजूरी देगी, इस भरोसे प्रस्ताव पर अमल करें व उन्हें 25 लाख की मदद करें। ऐसी दरखास्त महापौर ने पीएमसी कमिश्नर से की थी। इसके अनुसार, अब कर्मियों के परिजनों को 25 लाख की मदद मिलने का रास्ता साफ हुआ था। 15 परिवारों को धनराशि देने कमिश्नर ने पहले मंजूरी दी थी। अब और 26 कर्मियों का प्रस्ताव रखा था। 

    उसके अनुसार अब पीएमसी ने परिवारों को चेक देना शुरू किया है। हाल ही में 5 परिवारों को 25 लाख के चेक दिए गए थे।  जल्द ही शेष परिवारों को भी राशि उनके घर जाकर दी दी जाएगी, ऐसा प्रशासन ने कहा था। इसके अनुसार, कामगार दिन के अवसर पर 10 कर्मियों के घर जाकर 25 लाख के चेक दिए। उसके बाद शनिवार को और 9 परिजनों को घर जाकर प्रत्येकी 25 लाख के चेक दिए। ऐसी जानकारी पीएमसी के मुख्य कामगार कल्याण अधिकारी शिवाजी दौंडकर ने दी। 

    कोरोना सुरक्षा कवर देनेवाली पहली मनपा 

    पीएमसी ने अपने कर्मियों के लिए कोरोना सुरक्षा कवर योजना लागू की है। पीएमसी में पहले से ही मजदुर कल्याण निधि कार्यान्वित किया गया है। इसी निधि के तहत यह सहायता की जाएगी। पीएमसी प्रशासन के निर्देशानुसार इस योजना के लाभार्थी पीएमसी के कर्मी और अधिकारी जिन्हे कोरोना का काम दिया गया है, ऐसे सभी लोग होंगे क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के अलावा सभी विभागों के कर्मी व अधिकारियों को पीएमसी प्रशासन ने इस काम पर लगा दिया है। इसके तहत कर्मियों की मृत्यु हुई तो उसे 1 करोड़ की वित्तीय सहायता की जाएगी। अगर वारिस को नौकरी चाहिए तो नौकरी और 75 लाख की सहायता की जाएगी। इस योजना से संबंधित सभी अधिकार मजदूर कल्याण निधि समिति के पास रहेंगे। इसके अलावा अब कई योजनाए लागू की हैं। 

    71 मनपा कर्मियों की हुई है मौत  

    शहर में कोरोना का काम करते हुए अब तक 71 मनपा कर्मियों  की मौत हो चुकी है। तो 800 से अधिक कर्मी संक्रमित पाए गए हैं। इसमें सफाई कर्मियों की तादाद ज्यादा हैं। इसमें से करीब 600 से अधिक कर्मियों को डिस्चार्ज दिया गया है। इन कर्मियों के परिवारों को अब नियमानुसार मदद देने की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा की जा रही थी।   लेकिन सुरक्षा कवर पर मनपा अमल नहीं कर पा रही है। क्योंकि इससे संबंधित प्रस्ताव को आम सभा की मंजूरी नहीं मिली है।इस बीच इसको लेकर हाल ही में सर्वदलीय नेताओं के साथ महापौर ने बैठक थी। साथ ही आम सभा मंजूरी देगी, इस भरोसे प्रस्ताव पर अमल करें व उन्हें 25 लाख की मदद करें। ऐसी दरखास्त महापौर ने पीएमसी कमिश्नर से की थी। इसके अनुसार, अब कर्मियों के परिजनों को 25 लाख की मदद मिलने का रास्ता साफ हुआ था। कमिश्नर ने इसे हरी झंडी दिखाई है। साथ ही प्रशासन के परिवारों को देने के लिए चेक भी तैयार किए है।

    शेष कर्मियों के परिजनों को भी जल्द राशि दी जाएगी

    पहले चरण में 30 जुलाई तक मृत हुए कर्मियों को मदद दी जाएगी। ऐसे 15 परिवारों को आगामी दो दिनों में धनराशि देने का फैसला हुआ था। लेकिन इस विरोध हो रहा था। इसके अनुसार स्थायी समिति ने सभी कर्मियों के परिवारों को मुआवजा देने का निर्णय लिया था। प्रशसन उस पर अमल कर रही है। महापौर के हाथों पहले  5 परिवारों को 25 लाख के चेक दिए गए थे। जल्द ही शेष परिवारों को भी राशि दी जाएगी, ऐसा प्रशासन द्वारा कहा गया था। इसके अनुसार कामगार दिन के अवसर पर 10 कर्मियों के घर जाकर 25 लाख के चेक दिए। उसके बाद शनिवार को और 9 परिजनों को घर जाकर चेक दिए। ऐसी जानकारी पीएमसी के मुख्य कामगार कल्याण अधिकारी शिवाजी दौंडकर ने दी। दौंडकर ने कहा कि शेष कर्मियों के परिजनों को भी जल्द राशि दी जाएगी।