चिकित्सा विभाग के 3 अधिकारियों के एकाउंट में जमा हुए कमीशन के पैसे

– सत्तादल भाजपा नगरसेवक तुषार कामठे का गंभीर आरोप

पिंपरी. गत दो-तीन साल से चिकित्सा विभाग में की गई विभिन्न खरीदारी में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है. इस विभाग के 3 अधिकारियों ने तो भ्रष्टाचार की सीमा लांघ दी है. उन्होंने ठेकेदारों से कमीशन के लाखों रुपए अपने बैंक एकाउंट में जमा करवाए हैं.इन सबका प्रमाण और बैंक एकाउंट डिटेल्स देने के बाद भी पिंपरी-चिंचवड़ मनपा आयुक्त श्रावण हार्डिकर ‘धृतराष्ट्र’ बने हुए हैं. वे भी अपने भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिले हुए हैं. इस तरह का गंभीर आरोप खुद मनपा सत्तादल भाजपा के नगरसेवक तुषार कामठे ने लगाकर मनपा गलियारे में खलबली मचा दी है.

संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि मनपा के चिकित्सा विभाग द्वारा गत दो से तीन साल से की जा रही हर खरीदारी में भ्रष्टाचार हुआ है. दर निश्चित करते वक्त एक रुपये की वस्तु दस रुपए में तय की गई .हर खरीदारी में रिंग हुई है, कई बार तो स्पेशिफिकेशन बदलकर खरीदारी की गई है. 

मरम्मत के नाम पर भी करोड़ों रुपये का गबन 

मरम्मत के नाम पर भी करोड़ों रुपये का गबन किया गया है.मनपा के मुख्य स्वास्थ्य व चिकित्सा अधिकारी अनिल रॉय के एकाउंट में दो लाख रुपये, बायोमेडिकल इंजीनियर सुनील लोंढे के एकाउंट में दो लाख 45 हजार और दो लाख 30 हजार रुपए, उपअभियंता सुनील बेलगांवकर के एकाउंट में 80 हजार रुपये ठेकेदारों द्वारा बतौर कमीशन के रूप में जमा कराए गए हैं. इसके प्रमाण भी उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में पेश किए. इसके बावजूद मनपा आयुक्त श्रावण हार्डिकर दोषी अधिकारियों खिलाफ कार्रवाई करने में टालमटोल कर रहे हैं. 

भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने की कोशिश

यह एक तरह से भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने की कोशिश ही है.नगरसेवक कामठे ने यह भी आरोप लगाया कि यह मामला सामने न लाने और उसे दबाने के लिए उनपर कई नगरसेवक और विधायकों द्वारा दबाव बनाया गया. थ्री प्लाय सर्जिकल मास्क, पीपीई किट खरेदी, लैब केमिकल, आईटीआई के लिए सामग्री खरीदी, आयसीयू यूनिट, एनेस्थेशिया वर्कस्टेशन, सोनोग्राफी यूनिट, एमआरआई के लिए सीरिंज पंप खरीदी, एक्स रे मशीन मरम्मत समेत कई खरीदारी में भ्रष्टाचार हुआ है. इन सबके प्रमाण देने के बाद भी मनपा आयुक्त ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की.अगर सप्ताह भर में कार्रवाई नहीं की गई तो अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी भी उन्होंने दी है.