Avinash Bagwe

    पुणे. भूतपूर्व गृह राज्यमंत्री (State Home Minister) रमेश बागवे (Ramesh Bagwe) के पुत्र और पुणे माहानगरपालिका (Pune Municipal Corporation) में कांग्रेस के नगरसेवक (Congress corporator) को मुंबई हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। पुणे (Pune) के लघुवाद न्याय दंडाधिकारी (Magistrate of Minority Justice) ने बागवे की सदस्यता रद्द करने का फैसला सुनाया था जिस पर हाईकोर्ट (High Court) ने रोक लगा दी है। चुनावी हलफनामे में गैरकानूनी कंस्ट्रक्शन, पुलिस में दर्ज मामले आदि की जानकारी नहीं देने के मुद्दे पर पुणे की अदालत ने उक्त फैसला सुनाया था। 

    पुणे माहानगरपालिका के 2017 में हुए आम चुनाव में अविनाश बागवे द्वारा पेश किये गए हलफनामे में गैर कानूनी कंस्ट्रक्शन, बैंक अकाउंट और पुलिस स्टेशन में दर्ज केस की जानकारी नहीं दी। इसकी शिकायत मनसे के प्रत्याशी एड. भूपेंद्र शेंडगे ने निर्वाचन अधिकारी से की थी। इस शिकायत को निर्वाचन अधिकारी द्वारा खारिज किये जाने के बाद शेंडगे ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद गैर कानूनी कंस्ट्रक्शन के मुद्दे पर कोर्ट ने नगरसेवक का पद रद्द करने का आदेश दिया था। 

    इस फैसले को बागवे ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। लघुवाद न्याय दंडाधिकारी पुणे ने नगरसेवक अविनाश बागवे का नगरसेवक पद रद्द करने का आदेश 29 जून 2021 को दिया था। इस आदेश के खिलाफ बागवे ने हाई कोर्ट में रिट पिटिशन दायर किया था। मुंबई हाई कोर्ट के विधि विशेषज्ञ एड. गिरीश गोडबोले ने नगरसेवक बागवे की तरफ से दलील दी। उसे सुननेे के बाद मुंबई हाई कोर्ट के जज नितिन सांबरे ने 14 जुलाई को लघुवाद न्याय दंडाधिकारी के आदेश पर 23 अगस्त तक रोक लगा दी है। इससे नगरसेवक बागवे को बड़ी राहत मिली है।