धार्मिक ग्रंथों जैसा महत्व दिया जाए संविधान को

पुणे. कन्नड संघ संचालित कावेरी महाविद्यालय में 26 नवम्बर को संविधान दिन बड़े उत्साह के साथ मनाया गया. इस समय शिक्षक और कर्मचारियों ने संविधान की प्रति का पठन किया. राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी प्रा. नीलेश नेमाडे ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी और संविधान उद्देशिका का महत्व समझाया.

धर्म से अधिक महान देश

कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. अशोक अग्रवाल ने मार्गदर्शन किया. उन्होंने भारतीय संविधान के रचयिता डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का अभिवादन किया और उनके कार्यों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने हमें एक ऐसा संविधान दिया है, जिससे देश का निर्माण और विकास पिछले 7 दशकों में काफी अच्छा हुआ. आज हमारे देश में कई सारे धर्म है, लेकिन हमें संविधान को धर्मग्रंथों इतना ही महत्व देना होगा. देश हमेशा ही धर्म से अधिक महान होता है.

शहीदों को श्रद्धांजलि

इस समय भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए योद्धाओं को तथा देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई. कार्यक्रम में उपप्राचार्य डॉ. मुक्ता करमरकर, राष्ट्रीय सेवा योजना सहायक कार्यक्रम अधिकारी प्रा. मानसी जोशी आदि उपस्थित थे. राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की इस कार्यक्रम में ऑनलाइन उपस्थिति रही. कार्यक्रम का सूत्रसंचालन कर प्रा. भक्ति दांडेकर ने आभार प्रकट किया.