Good News: Indigenous Covid-19 vaccine may arrive in India in September-October

पुणे. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया 5 अलग-अलग काेराेना वैक्सीन की 100 कराेड़ डाेज तैयार करेगा. इनमें काेविशील्ड, काेवाेवैक्स, काेविववैक्स, काेविवैक और एसआईआई काेवैक्स का वैक्सीन शामिल है. वर्ष 2022 से पहले यह डाेज तैयार करने का सीरम इंस्टीट्यूट का प्रयास है. सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ आदर पूनावाला ने यह जानकारी दी.

उन्हाेंने बताया कि काेविशील्ड के वैक्सीन से हम शुरुआत करेंगे. 2021 की शुरुआत से प्रत्येक तिमाही में कम से कम एक वैक्सीन लाॅंच करने का हमारा प्रयास रहेगा. यूके के ऑक्सफाेर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित किए गए काेविशील्ड वैक्सीन का फिलहाल तीसरे चरण का मेडिकल ट्राॅयल भारत में हाे रहा है. करीब 1600 स्वयंसेवक इस ट्राॅयल में शामिल है.

एस्टॉजेनेका के साथ वैक्सीन पर काम

सीरम इंस्टीट्यूट ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राेजेनेका के साथ मिलकर काेराेना वैक्सीन तैयार कर रही है. हम पहले 2 से 3 कराेड़ डाेज तैयार कर रहे हैं. यह संख्या महीने में 7 से 8 कराेड़ तक जा सकती है. फिलहाल हम अपनी सीमाओं काे देखते हुए जान-बूझकर कम वैक्सीन तैयार कर रहे हैं. सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा इसके बाद काेवाेवैक्स वैक्सीन काे प्राथमिकता दी जा सकती है. बायाेटेक कंपनी नाेवाेवैक्स के सहयाेग से यह वैक्सीन तैयार की जा रही है. एक खबर के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में मई 2020 में काेवाेवैक्स वैक्सीन के पहले चरण का ट्राॅयल शुरू हुआ. 2020 के आखिर तक 30 हजार स्वयंसेवकाें के साथ तीसरा ट्राॅयल शुरू हाेने की संभावना है. 2021 में सीरम की मदद से 100 कराेड़ डाेज तैयार करने की नाेवाेवैक्स की याेजना है.