Covaxin

    पुणे. देश में कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की कमी होने के बीच एक बड़ी खबर पुणे से आ रही है। पुणे (Pune) के मांजरी (Manjari) में भारत बायोटेक (Bharat Biotech) कंपनी को जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस परियोजना से कोवैक्सीन का उत्पादन अगस्त के अंत तक शुरू हो जाएगा। फिलहाल तीन चरणों में विभिन्न नियामक परमिट, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की भर्ती एवं मशीनरी का निरीक्षण आदि कामों को शुरू किया गया है। कंपनी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ( National Institute of Virology) (एनआईवी) से सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों की मदद लेगी।

    मांजरी में वन विभाग के पास 11.58 हेक्टर भूमि है, जिसे 1973 में मर्क एंड कंपनी के तहत एक दवा कंपनी इंटरवेट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (बायोवेट) को सौंप दिया गया था। हालांकि, कंपनी बंद होने के बाद से यह जगह खाली थी। भारत बायोटेक ने साइट पर एक परियोजना शुरू करने के लिए राज्य सरकार को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, लेकिन इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी जिसके बाद उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई। कोर्ट ने कंपनी को साइट उपलब्ध कराने का आदेश दिया क्योंकि अभी कोरोना के टीके की बेहद जरूरत है। उसी हिसाब से जगह ट्रांसफर की गई है।

    एनआईवी से सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों की मदद ली जाएगी

    इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने कहा कि इस कंपनी को जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एमएसईडीसीएल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, केंद्रीय पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग, आदि अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं और अगस्त के अंत तक परियोजना से वैक्सीन का उत्पादन शुरू करने की योजना है। फिलहाल कंपनी ने तीन चरणों में वास्तविक काम शुरू किया है। पहले चरण में कर्मचारियों की भर्ती, दूसरे चरण में सभी प्रकार के परमिट प्राप्त करना और तीसरे चरण में मशीनरी का निरीक्षण शामिल है। वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है।एनआईवी से सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों की मदद ली जाएगी। विभिन्न परमिट प्राप्त करने में 45 दिन तक का समय लगेगा। इसलिए परियोजना स्थल पर लाई गई मशीनरी का निरीक्षण करने का कार्य चल रहा है।