तूफानी बारिश से पुणे में त्राहि त्राहि, जनजीवन प्रभावित

  • दुकानों घरों में जलजमाव, नदी किनारे के गांवों में अलर्ट, बत्ती भी गुल
  • 55 लोग फंसे, 40 को बाहर निकाला

पुणे. वापसी की बारिश ने पूरे राज्य में तबाही मचा कर रख दी है.इससे पुणे भी अछूता नहीं है. पुणे शहर और जिले में बारिश ने कहर बरपा रखा है. बुधवार की रात तूफानी बारिश के कारण कई जगहों पर जल जमाव हो गया.दुकानों व घरों में पानी घुस गया. मूसलाधार बारिश से पूरे पुणे जिले का जनजीवन प्रभावित हो गया है. बांध में पानी का स्तर बढ़ने से खड़कवासला बांध से मुठा नदी में पानी छोड़ने की शुरुआत की गई है. इस वजह से नदी किनारे के गांवों को खतरे की चेतावनी दी गई है. 

इंदापुर में दो पहिया वाहन सवार को बचाया

पुणे जिले के नीमगांव केतकी गांव में बाढ़ आने से 55 लोग फंस गए थे. उन्हें बचाने के लिए चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिल गई है. अभी भी 15 लोग बाढ़ के पानी में फंसे हुए है. ऐसे ही एक रेस्क्यू ऑपरेशन में इंदापुर के पास दो दोपहिया सवार लोगों को बचाने में सफलता मिली है. इसकी जानकारी उपविभागीय अधिकारी ने दी है.

उजनी बांध से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की शुरुआत

सोलापुर में उजनी बांध से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की शुरुआत की गई है.  पुणे-सोलापुर हाईवे के भिगवण, डालज, पलसदेव और इंदापुर में उजनी बांध का पानी आ जाने की वजह से ट्रैफिक को बंद कर दिया गया था. सोलापुर की तरफ जाने वाली वाहनों को लोणी कालभोर में रोक कर रखा गया था. उजनी बांध से करीब दो लाख 20 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. पलसदेव से लोणी देवकर के बीच के ओढ़ा में भारी बाढ़ आ जाने की वजह से कुछ समय के लिए सड़क बंद कर दी गई थी. यहां ट्रैफिक भी बंद कर दी गई थी. भिगवण के पास भादलवाड़ी में सड़क पर करीब साढ़े तीन फ़ीट तक पानी बह रहा था. इसकी वजह से भारी जाम लग गया था. देर रात पानी कम होने के बाद चरणों में ट्रैफिक शुरू किया गया.  

पुणे-सोलापुर हाइवे ठप

बारामती और इंदापुर तालुका में बुधवार को दिन भर हुई बारिश के कारण भारी बाढ़ का कहर देखने को मिला. कई सड़क, पुल पानी के नीचे चले गए.  घरों में पानी घुस गया. इसकी वजह से पुणे सोलापुर हाईवे की ट्रैफिक ठप हो गई थी. पुणे के इंदापुर तालुका में कई जगहों पर पानी जमा हो गया. पानी में बहकर जा रहे लोगों को जेसीबी की मदद से बचाया गया.  बारामती में कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया.  इससे लोगों के होश उड़ गए. इसके साथ ही पुणे शहर के श्रद्धास्थान श्रीमंत दगडू शेठ हलवाई गणपति मंदिर की सड़क नदी में तब्दील हो गई थी. यहां भारी मात्रा में जलजमाव हो गया था.