GST

पिंपरी. देहूरोड कैन्टोन्मेंट बोर्ड को राज्य सरकार की निधि और योजना का लाभ मिले तथा इसी के साथ जीएसटी का हिस्सा और अमृत योजना के तहत गंदे पानी पर ट्रीटमेंट करने के प्रोजेक्ट को अनुदान दिया जाए. यह मांग देहूरोड कन्टोन्मेंट बोर्ड ने राज्य शासन से की है. 

बोर्ड के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

इस संबंध में एक पत्र मख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भी लिखा गया है. केंद्र सरकार के 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार देहूरोड कैन्टोन्मेंट बोर्ड को हाल ही में निधि उपलब्ध करवा दी गई है. इसी तरह राज्य शासन को भी स्थानीय स्वराज्य संस्था की तरह देहूरोड कैन्टोन्मेंट बोर्ड को निधि उपलब्ध कराई जाए जिससे बोर्ड के विकास कार्य हो सकें. इस आशय का पत्र बोर्ड के उपाध्यक्ष रघुवीर शेलार, सदस्य विशाल खंडेलवाल, सारिका नाइकनवरे, ललित बालघरे, हाजी मलंग मारिमत्तु, अरुणा पिंजण तथा गोपालराव तंतरपाले ने मुख्यमंत्री को भेजा है. 

 जकात बंद होने से आय भी कम हो गई

राज्य शासन की सभी व्यक्तिगत और सार्वजनिक योजनाओं का लाभ देहूरोड कैन्टोन्मेंट बोर्ड के नागरिकों को मिले यह मांग बोर्ड ने की है. इसके साथ ही जुलाई 2017 से देश भर में जीएसटी लागू हो गया है जिससे कैन्टोन्मेंट बोर्ड की जकात बंद होने से आय भी कम हो गई है. जिससे फ्री प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ सेवा, साफ-सफाई और अन्य कार्यो के लिए बोर्ड के पास पर्याप्त राशि नहीं है. देहूरोड कैन्टोन्मेंट के तहत 7 गांव आते हैं. बढ़ती जनसंख्या के कारण गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए 3 प्लांट की आवश्यकता है.