बसों का यातायात फिर से शुरू करने की मांग

पुणे. पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ की पीएमपी बसों का यातायात फिर से शुरू करने की मांग पीएमपी की ओर से फिर से दोनों मनपाओं से एक पत्र देकर की है. सभी सेवाएं धीरे-धीरे शुरू हो रही है, ऐसे में पीएमपी ही क्यों बंद रखी जाए? यह सवाल भी उठाया गया है. सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों पर अमल कर यह यातायात शुरू करने का पीएमपी की ओर से स्पष्ट किया गया है. 

दोनों शहरों का जनजीवन धीरे-धीरे पूर्ववत हो रहा है. लेकिन बस सेवा बंद होने से विशेष रूप से मजदूर और मेहनती वर्ग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. रिक्शा और कैब का किराया काफी ज्यादा होने से पैदल जाने का विकल्प उनके पास बचा है. इस संबंध में पीएमपी के संचालक शंकर पवार ने भी पिछले महीने दोनों मनपाओं को पत्र भेजकर बस सेवा शुरू करने की परमिशन मांगी थी. 

नागरिकों को सुविधा होगी

इसके मद्देनजर पीएमपी के अध्यक्ष तथा मैनेजिंग डायरेक्टर राजेंद्र जगताप ने दोनों मनपाओं के आयुक्तों को भेजे पत्र में कहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों पर अमल करते हुए दोनों शहरों में बस सेवा शुरू कर सकते है. राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार बस की क्षमता से आधे यात्री लेकर यात्रा कर सकते हैं. दोनों शहरों में लंबे रूट पर पहले चरण में यातायात शुरू किया जाएगा. प्रतिबंधित क्षेत्रों में बसों का यातायात नहीं होगा, इसकी सावधानी बरती जाएगी. चरणबद्ध तरीके से यातयात शुरू करने पर नागरिकों को भी सुविधा हो जाएगी.

शहर में केवल 225 बसें चलाई जा रही 

पीएमपी का यातायात 18 मार्च से विविध चरणों के अनुसार बंद किया गया है. दोनों शहरों के अत्यावश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों का यातायात फिलहाल पीएमपी की ओर से जारी है. उसके लिए शहर में केवल 225 बसें चलाई जा रही हैं. इन बसों से यात्रा करने देने की मांग यात्रियों द्वारा की जा रही है. इसके लिए हर रोज कंडक्टर और ड्राइवरों से भी विवाद होने की जानकारी पत्र में दी गई है. इस पत्र के मद्देनजर पुणे मनपा कमिश्नर विक्रम कुमार और पिंपरी-चिंचवड़ मनपा कमिश्नर श्रवण हर्डिकर क्या निर्णय लेते हैं? इस ओर पीएमपी प्रशासन का ध्यान लगा है. साथ ही पीएमपी की सेवा जल्द शुरू करने की जोरदार मांग यात्री संघटनाओं द्वारा भी की जा रही है.