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    पुणे. कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के चलते पिछले साल लॉकडाउन (Lockdown) में नौकरी (Jobs) चली जाने के बाद दूसरी नौकरी नहीं मिलने से निराश होकर एक इंजीनियर (Engineer) युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। ऋषिकेश मारुती उमाप (29) आत्महत्या करने वाले युवक का नाम है। इस मामले में कोंढवा पुलिस थाने (Kondhwa Police Station) में मामला दर्ज किया गया है।  

    पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ऋषिकेश कोंढवा इलाके में रहता था। उसके पिता सरकारी विभाग में थे। वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उसका एक भाई है जो बेंगलुरु में नौकरी कर रहा है। आज सुबह 10 बजे तक उसने दरवाजा नहीं खोला तो उसके माता-पिता रूम में गए। दरवाजा खुलवाकर देखने पर ऋषिकेश फांसी से झूलता नजर आया। उन्होंने इसकी जानकारी कोंढवा पुलिस को दी। पुलिस ने बताया कि पिछले साल लॉकडाउन में ऋषिकेश की नौकरी चली गई। इसके बाद उसे कोई नौकरी नहीं मिली। उसे पबजी खेलने की आदत थी। नौकरी चले जाने के कारण निराशा में उसने आत्महत्या की होगी। इस मामले की जांच कोंढवा पुलिस कर रही है।

    स्वास्थ्य कर्मचारी ने लगाई फांसी

    उधर, साढ़े 15 लाख रुपए का चेक लेकर अनजान आदमी के साथ संबंध जोड़कर समाज में बदनामी होने से निराश स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ने कार्यालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार पेठ में यह घटना अब सामने आई है। इस मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। आत्महत्या करने वाले व्यक्ति का नाम विजयानंद तांदले है। इस मामले में यश तांदले ने खडक पुलिस में मामला दर्ज कराया है। इसके अनुसार पुलिस ने धनंजय नानासाहेब घुले के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि विजयानंद तांदले शुक्रवार पेठ स्थित गाडीखाना स्वास्थ्य केंद्र में काम करते थे। धनंजय घुले वहीं वाहन चालक के रूप में काम करता था। 

    समाज में बदनामी की

    खडक पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मृतक दोनों एक दूसरे के दोस्त थे। दोनों के बीच आर्थिक लेनदेन चलता रहता था। घुले ने तांदले से 15 लाख 50 हजार रुपये का चेक लिया था। हालांकि घुले ने अनजान व्यक्ति के साथ तांदले का संबंध जोड़कर समाज में उसकी बदनामी की। इससे परेशान होकर तांदले ने स्वास्थ्य केंद्र में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस उपनिरीक्षक संजय पांढरे इस मामले की जांच कर रहे हैं।