नियमों का उल्लंघन करनेवाले दुकानदारों का साथ नहीं देगा महासंघ

– फत्तेचंद रांका की चेतावनी

पुणे. लॉकडाउन में शिथिलता के चलते पुणे के लगभग सभी इलाकों में कड़े नियमों के साथ दुकानें खोलने की अनुमति दे दी गई है, लेकिन अनुमति देने से पूर्व दुकानदारों के लिए बनाए गए नियमों का धडल्ले से उल्लंघन किया जा रहा है. नाना पेठ की कुछ दुकानों में अव्यवस्था देखकर गुस्साए विशेष अधिकारी सौरभ राव ने सवाल पूछा कि यदि व्यापारी सैनिटाइजेशन या पी-1- पी 2 जैसे नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो इन दुकानों को बंद करने का आदेश क्यों नहीं देना चाहिए? सौरव राव की इस नाराजगी से सहमत होते हुए पुणे व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष फत्तेचंद रांका द्वारा व्यापारियों को भेजे गए एक ऑडियो संदेश में चेतावनी दी गई है कि जो दुकानदार नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, ऐसे दुकानदारों पर यदि कार्रवाई होती है, तो व्यापारी महासंघ उनकी मदद नहीं करेगा.

निरीक्षण दौरे में दिखी लापरवाही 

पुणे मनपा प्रशासन, पुणे पुलिस और पुणे व्यापारी महासंघ ने संयुक्त रुप में निरीक्षण दौरा किया. इसमें सौरभ राव और पुलिस सह आयुक्त डॉ. रविंद्र शिसवे के साथ, उपायुक्त स्वप्ना गोरे, महानगरपालिका के अधिकारी बनकर, व्यापारी महासंघ की ओर से अध्यक्ष फत्तेचंद रांका और सचिव महेंद्र पितलिया के साथ क्षेत्र के कुछ व्यापारी मौजूद थे. नाना पेठ इलाके में मॉडर्न चौक और डुल्या मारुति चौक के बीच यह निरीक्षण किया गया. व्यापारी महासंघ ने मांग की है कि क्षेत्र में लगभग 200 छोटी दुकानें खोली जाएं. दौरे में चर्चा हुई लेकिन दौरे की समाप्ति अधिकारियों की नाराजगी के साथ हुई.

रांका ने व्यापारियों को भेजी ऑडियो क्लिप 

व्यापारियों को भेजी हुई ऑडियो क्लिप में रांका ने कहा कि मॉडर्न चौक में आने के बाद सौरभ राव और पुलिस सहआयुक्त डॉ. रविंद्र शिसवे ने दो दुकानों में जाकर पूछताछ की. उन दो दुकानों में ऑक्सीमीटर, टेम्परेचर गन और सैनिटाइजर की कोई व्यवस्था नहीं थी. सौरभ राव ने नाराजगी जताकर पूछा कि अगर यही हाल है, तो दुकानें क्यों नहीं बंद कर देनी चाहिए? लॉकडाउन के बाद अब बिगिन अगेन के चरण में पुणे व्यापारी महासंघ की ओर से पुणे के मध्य भाग में दुकानें शुरू करने के लिए महानगर पालिका प्रशासन और पुलिस के साथ लगातार बैठकें की गयी थीं. इस बीच, महासंघ ने दुकानों को खोलने की अनुमति देने की मांग के साथ यह वादा किया था कि व्यापारी नियमों का पालन करेंगे. लेकिन, वास्तव में नाना पेठ इलाके के में सैनिटाइजेशन जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं प्रदान नहीं की गईं.