नेवी में नौकरी दिलाने के नाम धोखाधड़ी का रैकेट उजागर

पुणे. खुद को भारतीय नेवी का अधिकारी बताकर नेवी में स्टोर कीपर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर सैकड़ों युवकों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. पुणे ग्रामीण पुलिस की एलसीबी (लोकल क्राइम ब्रांच) इस रैकेट को उजागर करते हुए दो ठगों पर शिकंजा कसने में सफलता पायी है.

 इन दोनों ने राज्यभर के अलग- अलग हिस्सों के युवाओं को नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर हर एक से तीन-चार लाख रुपए ऐंठे हैं, ऐसा अब तक की जांच में सामने आया है.

दो ठगों पर शिकंजा

एलसीबी के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पद्माकर घनवट से मिली जानकारी के अनुसार, आकाश काशिनाथ डांगे (25) और नितीन तानाजी जाधव (30) ऐसे गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम हैं. उनके खिलाफ किशोर दादा जाधव ने भिगवण पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. दो साल पहले आरोपी डांगे ने जाधव को नेवी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3 लाख 80 हजार रुपए लिए थे. उसका यकीन हासिल करने के डांगे खुद नेवी के अधिकारी की वर्दी पहनकर उससे मिला था. पैसे मिलने के बाद आईएनएस लोनावला के नाम से फर्जी ई-मेल से नेवी का फर्जी सिलेक्शन लेटर, मेडिकल लेटर और एडमिट कार्ड भेजकर उसके साथ धोखाधड़ी की.

कई युवकों के साथ धोखाधड़ी

तीन लाख 80 हजार रुपए देने के बाद जब यह फर्जीवाड़ा सामने आया तब जाधव ने पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप पाटिल से मिलकर उसके साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी दी. पाटिल ने एलसीबी को इस मामले की जांच के आदेश दिए. इस जांच में जाधव समान कई युवकों के साथ सेना, नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी किये जाने की जानकारी सामने आयी. इसके बाद बारामती से नितिन जाधव को हिरासत में लिया. 

मुख्य सूत्रधार हिरासत में  

उससे जानकारी प्राप्त करने के बाद फलटण से रैकेट के मुख्य सूत्रधार आकाश डांगे को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में उन्होंने पुणे, सातारा, सांगली, अहमदनगर, सोलापुर, उस्मानाबाद, वर्धा, वाशीम, जलगांव, मराठवाडा, विदर्भ के जिलों में 10वीं-12वीं पास युवकों को उनके पहचान के एजंटों के जरिये नेवी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर हर किसी से दो से चार लाख रुपए ऐंठ लिए. इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

और भी आरोपियों के शामिल होने की संभावना

पुलिस निरीक्षक घनवट ने बताया कि यह एक बड़ा रैकेट है जिसमें सैकडों युवकों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई है. इसमें और भी आरोपियों के शामिल रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. धोखाधड़ी का शिकार बने युवक इस उम्मीद में शिकायत दर्ज करने आगे नहीं आते कि आज नहीं तो कल उन्हें नौकरी मिल जाएगी या उनके पैसे वापस मिल जाएंगे. इस धोखाधड़ी का शिकार बने युवक पाषाण स्थित एलसीबी के दफ्तर या फोन नं.020-25651353 पर संपर्क करें. सेना या सरकारी नौकरी का झांसा देकर पैसे मांगनेवालों से बचें, यह अपील भी उन्होंने की है. इस कार्रवाई को एलसीबी के सहायक पुलिस निरीक्षक दत्तात्रय गुंड, अनिल कालेे, रविराज कोकरे, महेश गायकवाड, निलेश कदम, उमाकांत कुंजीर, रौफ इनामदार, सचिन गायकवाड, सुभाष राऊत, गुरूनाथ गायकवाड, संतोष सावंत की टीम ने अंजाम दिया.