Muralidhar Mohol

  • 23 गांवों के समावेशन पर महापौर की सरकार से मांग

पुणे. महापौर मुरलीधर मोहोल (Mayor Muralidhar Mohol) का कहना है कि 23 गांवों (23 villages) को महापालिका की सीमा में शामिल करने के विरोध में हम नहीं हैं, लेकिन 11 गांव जो पहले 2017 में शामिल किए गए थे, राज्य सरकार (State government) इसके विकास के लिए 9,000 करोड़ रुपए प्रदान करने करें. फिर चरणबद्ध तरीके से 23 गांवों को शामिल करना चाहिए. ऐसी मांग भी महापौर मुरलीधर मोहोल ने सरकार से की है.

बुनियादी सुविधाओं का अभाव

यह मांग महापौर मोहोल ने मासिक आम बैठक स्थगित होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए की. उन्होंने कहा कि जिन 11 गांवों को महापालिका  की सीमा में शामिल किया गया है उनमें सड़क, पानी, ठोस कचरा  और जल प्रबंधन सुविधाओं का अभाव है.  आज भी टैंकर से पेयजल की आपूर्ति जारी है. सड़कें खराब हैं.  अब 23 नए गांवों को चरणों में शामिल किया जाना चाहिए. हालांकि, 2017 में 11 गांवों के लिए विकास योजना तैयार करके बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 9,000 करोड़ रुपए प्रदान किए जाने चाहिए क्योंकि बुनियादी ढांचे पर तनाव है, हम इसे कैसे कम करने जा रहे हैं? इन सुविधाओं को प्रदान करते समय महापालिका  वित्तीय तनाव का सामना कर रहा है. महापौर मोहोल ने कहा कि हम राज्य सरकार से गांवों को शामिल करने के लिए धन मुहैया कराने का आग्रह करते हैं.

जल्द शामिल होंगे 23 गांव

वर्ष 2017 में 34 गांवों में से जिन 11 गांवों का समावेश मनपा में करने का फैसला राज्य सरकार की ओर से किया गया था, उसमें उरली और फुरसुंगी गांव को पूरी तरह से समाविष्ट किया गया था. जबकि लोहगांव (शेष), शिवणे (उत्तमनगर) मुंढवा (शेष केशवनगर), हड़पसर (साढे सतरहनली), शिवणे, आंबेगांव (खुर्द), उंड्री, धायरी और आंबेगांव (बुद्रुक) गांव अंशत: समाविष्ट किए गए थे. दिसंबर 2017 तक ये गांव समाविष्ट किए जाएंगे, ऐसा सरकार द्वारा कहा गया था. उसके अनुसार, सरकार की ओर से ये 11 गांव महापालिका सीमा में लेने के निर्देश हाल ही में जारी किए गए थे. नए 23 गांव सीमा में आने से इससे अब महापालिका के सीमा में बढ़ोतरी होगी पर मनपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन नए समाविष्ट गांवों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की होगी. उसके अनुसार महापालिका ने इसका नियोजन करना शुरू किया है.

हम 23 गांवों को महापालिका की सीमा में शामिल करने के विरोध में नहीं हैं, लेकिन 11 गांव जो पहले 2017 में शामिल किए गए थे, राज्य सरकार को इसके विकास के लिए 9,000 करोड़ रुपए प्रदान करने करें. फिर चरणबद्ध तरीके से 23 गांवों को शामिल करना चाहिए.

- मुरलीधर मोहोल, महापौर, पुणे