बिजली बिल बकाया के हल के लिए सरकार कटिबद्ध

  • एनसीपी प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटिल का आश्वासन

पुणे. देवेंद्र फडणवीस जब मुख्यमंत्री थे, तब बिजली का बकाया 67 हजार करोड़ रुपए तक कैसे बढ़ गया? इसका अध्ययन किया जा रहा है.  बिजली के मुद्दे का हल निकालने के लिए महाआघाड़ी सरकार कटिबद्ध है.

फिलहाल आचारसंहिता लागू होने के कारण इसे जाहिर करना सही नहीं है. यह स्पष्टीकरण राज्य के जलसंसाधन मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने दिया है.

बिजली ग्राहकों का बोझ कम करने का इरादा

पुणे सातक निर्वाचन सीट पर महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार के प्रचार के समन्वय के लिए कांग्रेस भवन में बैठक हुई. इस बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयंत पाटिल ने यह जानकारी दी. जयंत पाटिल ने कहा कि हमारी सरकार का रूख बिजली ग्राहकों का बोझ कम करने का है, लेकिन देवेंद्र फडणवीस के सरकार के कार्यकाल में बिजली बोर्ड का बकाया 67 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया था, आर्थिक दृष्टि से बिजली बोर्ड संकट में है, ऐसा क्यों हुआ? इसकी जांच के आदेश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिए हैं. गुरुवार को मंत्रिमंडल में बिजली बोर्ड पर चर्चा हुई. 

विकल्प सुझाये गये

बिजली बोर्ड को क्या उपाय करना है इसे लेकर विकल्प सुझाये गये हैं. अन्य विभागों की तरह बिजली बोर्ड को देखना सही नहीं. इसके लिए अलग से विचार करने की जरूरत है. इससे रास्ता निकालने का हमारा प्रयास है. आचारसंहिता के दौरान तुरंत घोषणा करना सही नहीं है.