खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने उच्चाधिकार समिति

  • महापालिका कमिश्नर का फैसला

पुणे. महापालिका की ओर से विभिन्न कामों के लिए विभिन्न चीजों की खरीदी की जाती है. क्षेत्रीय कार्यालय साथ ही मध्यवर्ती भण्डारण विभाग द्वारा यह खरीदी की जाती है, लेकिन इस प्रक्रिया को लेकर शिकायतें आ रही है. इसे रोकने के लिए महापालिका कमिश्नर विक्रम कुमार ने उच्चाधिकार समिति बनाने का फैसला लिया है. ऐसी कुल 2 समितियां होगी. जिसकी रचना भी तय की गई है.

 दो समितियां होगी

महापालिका कमिश्नर के निर्देशानुसार खरीदी प्रक्रिया की खामिया निकालने और प्रक्रिया को शिकायतें ना आए इसके लिए 2 कमिटियां बनाई जाएगी. इसके माध्यम से पूरी तरह से खरीदी पर नियंत्रण रहेगा. पहली उच्चाधिकार समिति 25 लाख तक के खरीदी प्रक्रिया को लेकर काम करेगी. इसके अध्यक्ष भण्डारण विभाग के उपायुक्त होंगे. साथ ही और 7 अधिकारी उनकी सहायता करने सचिव के तौर पर रहेंगे. तो दूसरी उच्चाधिकार समिति 25 लाख से अधिक की खरीदी पर नियंत्रण रखने के लिए होगी. इसके अध्यक्ष अतिरिक्त आयुक्त होंगे. उसमे मुख्य लेखापाल के साथ ही भण्डारण विभाग के उपयुक्त के साथ और 4 अधिकारी रहेंगे.

किस तरह से काम करेगी समिति

मनपा कमिश्नर के निर्देशानुसार यह समिति खरीदी आवश्यकताओं का निर्धारण, खरीद प्रस्ताव की जांच, खरीदे जाने वाले सामान और सेवाओं का विवरण और अनुमान तैयार करना, टेंडर के नियम और शर्तें तय करना, ऐसे काम करेगी. कमिश्नर के निर्देशानुसार प्रोक्योरमेंट कमेटी का काम इस आदेश की तारीख से शुरू होगा. खरीद के लिए संबंधित अधीक्षक, उप अधीक्षक समिति की बैठक बुलाएंगे, विषय को समिति के समक्ष रखा जाएगा, बैठक के कार्यवृत्त तैयार करेंगे और संबंधित मामलों को निपटाएंगे.