शहर की सभी ओपीडी में ‘कोरोना प्राथमिक चिकित्सा’ के फलक लगाना अनिवार्य

  • कांग्रेस गुटनेता आबा बागुल की जानकारी

पुणे. शहर में कोरोना के प्राथमिक उपचार किए जाएंगे, ऐसे फलक निजी ओपीडी और अस्पतालों में लगाना महापालिका द्वारा अनिवार्य किया गया है. साथ ही इसकी जिम्मेदारी क्षेत्रीय कार्यालयों पर सौंपी गई है. ऐसी जानकारी मनपा के कांग्रेस गुटनेता आबा बागुल ने दी.

कमिश्नर से की थी मांग

बागुल ने कहा कि अगर मरीज को सांस लेने में कठिनाई होती है, तो कोरोना के मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए. लेकिन अगर यह बीमारी शुरुआती अवस्था में है, तो सर्दी, बुखार, खांसी का इलाज निजी अस्पताल (ओपीडी) में किया जा सकता है. यदि आवश्यक हो, तो कोरोना की जांच की जाती है और पॉजिटिव परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त की जाती है कि रोगियों का इलाज अस्पताल में या कोविड केंद्र में किया जाएगा, लेकिन वर्तमान स्थिति में, परीक्षण रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो रोगी डर जाता है और रिश्तेदार अस्पताल में भीड़  करते हैं. बागुल के अनुसार अस्पतालों में पहले से ही भीड़ है, इसलिए जगह उपलब्ध नहीं है. ऐसे रोगियों को एक निजी ओपीडी या एक अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा लेनी चाहिए. इस वजह से फलक लगाने की मांग मैंने कमिश्नर से की थी.

मनपा दवाएं उपलब्ध कराए

बागुल ने कहा कि इस मांग को मंजूरी दी गई है. अस्पतालों को होर्डिंग लगाने और सर्दी, खांसी और बुखार के लिए प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने के लिए कहा गया है. यदि आवश्यक हो, तो रोगियों को कोरोना की जांच करने के लिए निर्देश दिया जाना चाहिए. क्षेत्रीय कार्यालयों  को इसकी निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं. बागुल ने कहा कि शहर में करीब साढ़े तीन हजार अस्पताल हैं. प्राथमिक चिकित्सा के लिए आवश्यक दवाएं महानगरपालिका द्वारा उपलब्ध कराई जानी चाहिए. बागुल ने कहा कि इससे अस्पतालों में भीड़भाड़ से बचा जा सकेगा.