वाघोली में 17 सितंबर तक जनता कर्फ्यू

पुणे. पूरे राज्य में पुणे जिला महामारी कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित है. यहां शनिवार तक संक्रमितों का आंकड़ा दो लाख 15 हजार से ज्यादा हो गया है. इस बीच अनलॉक की प्रकिया के चलते पुणे में फिर से सभी चीजों को खोल दिया गया है. इसके बाद पिछले एक सप्ताह से हर दिन 2 से 4 हजार के बीच मरीज सामने आ रहे हैं. 

लगातार बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए पुणे के वाघोली में अब जनता खुद आगे आई है और यहां 12 से 17 सितंबर तक जनता कर्फ्यू लगा दिया गया है. इस दौरान दूध, किराना, मेडिकल स्टोर और हॉस्पिटल को छोड़कर सब बंद रहेगा.

ग्राम पंचायन ने गठित की टीम

वाघोली ग्राम पंचायत ने इस कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए एक टीम बनाई है. इसके सदस्य पूरे दिन घूम कर कर्फ्यू के नियम मनवाने का प्रयास कर रहे हैं. सब्जी की दुकानें और सरकारी दफ्तरों को भी बंद इस दौरान बंद रखा जाएगा. जनता कर्फ्यू के इस फैसले पर वाघोली ग्राम पंचायत के सदस्य शिवदास उबाले ने कहा, गांव में कोविड-19 के पॉजिटिव मामलों की संख्या ने 1000 का आंकड़ा छू लिया है. इसलिए इस पर अंकुश लगाना आवश्यक है. जिसके बाद हमने शनिवार से 17 सितंबर तक 6 दिनों के लिए वाघोली में जनता कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है.

विभिन्न स्थानों पर लगाए गए नोटिस बोर्ड

वाघोली ग्रामपंचायत ने लोगों को कर्फ्यू के बारे में सूचित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर नोटिस बोर्ड लगाए हैं और वाहनों में घूम-घूम कर लोगों से बेवजह बाहर न निकलने और अपने घरों में रहने को कहा जा रहा है. बता दें कि शनिवार तक पुणे जिले में कोरोना से संक्रमित कुल 2 लाख 15 हजार 975 रोगियों में से 1 लाख 70 हजार 800 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं. सक्रिय रोगियों की संख्या 40 हजार 317 है. कोरोना संक्रमण से कुल 4858 रोगियों की मृत्यु हुई है. यहां मृत्यु दर 2.25 प्रतिशत और रिकवरी रेट 79.08 प्रतिशत दर्ज हुआ है.