कुष्ठरोगियों का ‘आधार’ बना जंबो अस्पताल

  • 40 बेड्स कुष्ठरोगियों के लिए आरक्षित
  • 21 कुष्ठ रोगियों का चल रहा इलाज
  • जंबो कोविड केंद्र का अभिनव उपक्रम

पुणे. यदि कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है, तो सबसे बड़ा सवाल सामने आया कि उसका इलाज कहां और कौन करेगा? हालांकि, महापालिका प्रशासन ने तुरंत इस मुद्दे पर कार्यवाही की. कोरोना बाधित कुष्ठ रोगियों को जल्दी से जंबो कोविड़ केंद्र में भर्ती कराया जा रहा है. केंद्र में कुष्ठ रोगियों के लिए 40 बेड आरक्षित करने का भी निर्णय लिया गया है. वर्तमान में 21 कुष्ठ रोगियों का इलाज यहां चल रहा है. ऐसी जानकारी जंबो के कार्यकारी अध्यक्ष और अतिरिक्त आयुक्त रूबल अग्रवाल ने दी. 

अतिरिक्त आयुक्त की अहम भूमिका 

बंडोरवाला कुष्ठ निवारण केंद्र में 4 कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की जांच करनी थी. महापालिका स्वास्थ्य कर्मी 4 दिन पहले इसके लिए गए थे. हालांकि, हमेशा की तरह उनकी जांच करना संभव नहीं था, क्योंकि कुष्ठ रोग के कारण उनकी अंगुलियां, कान के अंग और अन्य अंग क्षतिग्रस्त हो गए थे. इससे उनके ऑक्सीजन स्तर की जांच करना भी मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा एक्स-रे, रक्त परीक्षण जैसे अन्य परीक्षण उनके संस्थान में नहीं किए जाते हैं. उन्हें महापालिका  की मदद से एम्बुलेंस में एक बड़े अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन कुछ रोगियों को भर्ती नहीं किया गया क्योंकि उनके पास तुरंत आधार कार्ड उपलब्ध नहीं था. रात को 11 बजे वे सभी कोरोना रोग के कारण निराशा में कुष्ठ केंद्र में लौट आए. इसके बाद डॉ. दीप्ति बच्छाव ने बीती रात अतिरिक्त आयुक्त रूबल अग्रवाल को एक संदेश भेजा. कुष्ठ रोगियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाना महत्वपूर्ण है, यह देखते हुए  अग्रवाल ने हमें तुरंत जंबो कोविड़ केंद्र में उन्हें स्वीकार करने का आदेश दिया. ऐसा जंबो के चिकित्सा प्रमुख श्रेयांश कपले ने कहा. मरीजों को रात में जंबो में भर्ती कराया गया और आगे का उसके बाद इलाज तुरंत शुरू किया गया. इस बारे में  अग्रवाल ने कहा कि महापालिका के सहयोग से जंबो सेंटर के माध्यम से हम कोविड़ निदान से लेकर बीमारी की रोकथाम तक की पूरी सेवाएं दे रहे हैं. 

 मनपा कमिश्नर ने भी ली दखल 

इसकी जानकारी मिलने के बाद कमिश्नर विक्रम कुमार ने महापालिका की ओर से 4 कोरोना और बंदोरावाला के संपर्क में सभी कुष्ठ रोगियों की जांच करने के निर्देश दिए. तदनुसार, कोंढवा क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक आयुक्त तानाजी नारले ने आगे की कार्रवाई की और वहां 128 कुष्ठ रोगियों की जांच की. वहां कुल 21 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए. महापौर मुरलीधर मोहोल ने इस संबंध में महानगरपालिका प्रशासन को बधाई दी. साथ ही डिविजनल कमिश्नर सौरभ राव ने कहा कि नगरपालिका प्रशासन और कुष्ठ केंद्र की ओर से कुष्ठ रोग के प्रति संवेदनशीलता और मुस्तैदी सराहनीय है. किसी भी कोरोना बाधित को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा. जंबो सेंटर सेवा सभी के लिए खुली है. 

मनपा  के सहयोग से जंबो सेंटर के माध्यम से हम कोविड़ निदान से लेकर बीमारी की रोकथाम तक की पूरी सेवाएं दे रहे हैं. किसी भी कोरोना बाधित को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा. जंबो सेंटर सेवा सभी के लिए खुली है. – रूबल अग्रवाल, अतिरिक्त आयुक्त, मनपा