Pune station

    पुणे. कोरोना (Corona) की रोकथाम के लिए पूरे महाराष्ट्र में फिर से लॉकडाउन (Lockdown) लगा दिया गया है। रोजी-रोटी का सवाल खड़ा होने से पुणे (Pune) और पिंपरी-चिंचवड़ (Pimpri-Chinchwad) शहरों में रहनेवाले उत्तर भारतीय और बिहार व अन्य राज्यों के रहवासी अपने गांव- घर लौटने के लिए पुणे स्टेशन (Pune station) पर भीड़ जुटा रहे हैं। उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए पुणे रेलवे पुलिस के कर्मचारी उन्हें डरा धमकाकर पैसे ऐंठ रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद पुणे रेलवे पुलिस थाने के 22 कर्मचारियों के आनन-फानन में तबादला कर दिया गया। 

    इन सभी कर्मचारियों को खडकी मुख्यालय में हाजिर होने के आदेश दिया गया हैं। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई से महकमे में सबके पसीने छूट गए हैं। जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों का भी तबादला होने की आशंका है। रेलवे स्टेशन पर परप्रांतीय यात्रियों से जबरदस्ती पैसे वसूलने की शिकायतों की वजह से यह कार्रवाई की गई है। इससे पुणे रेलवे पुलिस थाने की बदनामी हो रही है। रेलवे पुलिस अधीक्षक ने इन शिकायतों को काफी गंभीरता से लिया है। उनकी इस कार्रवाई के बाद पुणे रेलवे पुलिस थाने में 50 नए कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।

    मिली थी शिकायत

    पुणे रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की चेकिंग के दौरान उन्हें इस थाने में लाकर रोके रखने की घटना इससे पहले हो चुकी है। इस दौरान पुणे स्टेशन पर यात्रियो की भीड़ नियंत्रित करना, असामाजिक तत्व, गुनहगार, फर्जी टिकट विक्रेता, हॉकर्स कोई गलत काम नहीं करेंगे, इसकी निगरानी के लिए इन 22 पुलिसकर्मियो को जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, खुद पुलिसकर्मियों द्वारा ही यात्रियों को परेशान किया जा रहा है, ऐसी शिकायत अधीक्षक कार्यालय को मिली। इस पर पुलिस कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभा रहे हैं, ऐसी फटकार लगाई गई है। इस पृष्ठभूमि पर रेलवे पुलिस अधीक्षक सदानंद वायसे पाटिल ने कर्मचारियों को खडकी स्थित पुणे रेलवे पुलिस मुख्यालय में बदली की गई।

    इन पुलिसकर्मियों का किया गया तबादला

    तबादले किये गए पुलिसकर्मियों में सहायक उपनिरीक्षक जाधव, पुलिस हवलदार (बकल नं. 340) काले, (बकल नं 927) सालवी, (बकल नं 338) दगडे, (बकल नं 330) राठोड, (बकल नं 1155) कुलकर्णी, पुलिस नाईक (बकल नं 219) केगार, (बकल नं 16) पोकले, (बकल नं 713) तांबोली, (बक्कल नं 803) टेकावडे, (बकल नं 1223) मंजुले, (बकल नं 870) कपिले, (बकल नं 679) शेख, (बकल नं 468) राऊत, पुलिस हवलदार (बकल नं 312), गोसावी (बकल नं 433) अंधारे (बकल नं 777), सोनावणे (बकल नं 45), ईपर (बकल नं 315), पवार साथ ही स्थानीय क्राइम ब्रांच के (बकल नं 483) बोराटे, (बक्कल नं 910) सोनावणे और (बक्कल नं 64) कुंजीर का समावेश है। पुणे रेलवे पुलिस थाने में एक उपविभागीय अधिकारी, दो निरीक्षक, सहायक निरीक्षक और उपनिरीक्षक ऐसे 12 अधिकारी हैं। वही इनकी मदद करने वाले अन्य अधिकारी व कर्मचारी हैं। यात्रियों को परेशान करने वाली कोई भी घटना भविष्य में आई तो इन सभी वरिष्ठ अधिकारियों की फ़ॉल्ट रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी। उनके ट्रांसफर का प्रस्ताव दिया जाएगा, यह चेतावनी सदानंद वायसे पाटिल ने दी है।

    क्या है पूरा मामला ?

    कार्रवाई का डर दिखाकर रेलवे पुलिस के कर्मचारी परप्रांतीय यात्रियों को लूटने का आरोप करते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के शहराध्यक्ष वसंत मोरे ने किया है। उन्होंने पुणे रेलवे पुलिस, रेलवे सुरक्षा दल, स्टेशन डायरेक्टर और लोहमार्ग पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। मोरे ने खुद भेष बदलकर रेलवे स्टेशन पर दो दिन सर्वेक्षण किया। इसके बाद 22 कर्मचारियों के एक साथ तबादले किए गए। हालांकि पुणे रेलवे पुलिस अधीक्षक सदानंद वायसे स्पष्ट किया कि यात्रियों की लूटखसोट की घटना से रेलवे पुलिस का कोई संबंध नहीं है। रेलवे स्टेशन में विविध अपराध में इससे पहले 23 नकली पुलिस पर कार्रवाई की गई है। यही लोग या इस तरह की हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। इस तरह की घटनाओं को रोक पाने में असमर्थ 22 पुलिस कर्मचारियों का ट्रांसफर किया गया है।