Street light mana will conduct survey for the first time

  • प्रशासन की प्राथमिक तैयारी शुरू

पुणे. महापालिका आगामी काल में किसी निजी कंपनी से बिजली खरीदी कर सकती है. मनपा प्रशासन द्वारा उसकी प्राथमिक तैयारी भी शुरू कर दी है. इसको लेकर हाल ही में यह निर्देश मनपा आयुक्त विक्रम कुमार ने दिए हैं. आयुक्त का कहना है कि बिजली पर मनपा का खर्चा बढ़ रहा है. इस पर रोक लगाने के लिए निजी कंपनी से बिजली खरीदना फायदेमंद होगा, तो इस बारे में विचार किया जाए. आयुक्त के सूचना के अनुसार इसको लेकर हमारी प्राथमिक तैयारी चल रही है. ऐसी जानकारी महापालिका के अतिरिक्त आयुक्त कुणाल खेमनार ने दी.  

हर साल 60-65 करोड़ खर्चा बिजली पर 

ज्ञात हो कि महापालिका की ओर से स्ट्रीट लाइट के तहत शहर में बिजली दी जाती है. इसके साथ ही मनपा भवन, 15 क्षेत्रीय कार्यालय, नाट्यगृह साथ ही शेष आस्थापना को भी मनपा द्वारा बिजली दी जाती है. बिजली की खरीदी मनपा द्वारा महावितरण यानी MSEDC द्वारा की जाती है. इसके दर भी ज्यादा होते है. इसके लिए मनपा को प्रति माह 5 करोड़ से अधिक का बिजली बिल आता है. यानी सालभर में 60-65 करोड़ का बिजली बिल मनपा भरती है.  इस पर बचत करने के निर्देश मनपा आयुक्त ने दिए है. उसके लिए निजी कंपनी से बिजली खरीदी करने की सूचना आयुक्त ने विद्युत विभाग से की है. विभाग भी इसको लेकर जल्द ही एक्सप्रेशन ऑफ़ इंटरेस्ट की प्रक्रिया शुरू करेगी. 

टेंडर अनुसार होगी प्रक्रिया : खेमनार 

इस बारे में अतिरिक्त आयुक्त खेमनार ने कहा कि हाल ही में महापालिका के सलाहकार ने मनपा प्रशासन को सुझाव दिया था कि मनपा का खर्चा कम करने के लिए बिजली की खरीदी निजी कंपनी से की जाए. इसमें ऊर्जा बचत के साथ पैसों की बचत होगी. महापालिका आयुक्त को यह सुझाव पसंद आया. उन्होंने भी इसको लेकर अपनी सकारात्मकता दर्शायी. खेमनार के अनुसार हमारी ऊर्जा बचत के साथ सोलर का सही इस्तेमाल कर देने के लिए कोई कंपनी तैयार होगी तो हम उसका विचार कर सकते है. जो भी प्रक्रिया होगी वह टेंडर के अनुसार ही किया जाएगा. लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया प्राथमिक अवस्था में है. लेकिन महापालिका इसको लेकर सकारात्मक है. 

हमारी ऊर्जा बचत के साथ सोलर का सही इस्तेमाल कर देने के लिए कोई कंपनी तैयार होगी तो हम निजी कंपनी से बिजली खरीदने का विचार कर सकते है. जो भी प्रक्रिया होगी वह टेंडर के अनुसार ही किया जाएगा.  अभी तक यह प्रक्रिया प्राथमिक अवस्था में है. लेकिन महापालिका इसको लेकर सकारात्मक है. 

– डॉ कुणाल खेमनार, अतिरिक्त आयुक्त मनपा