Workers not coming to work at the original place

– विगत साल के 672 करोड़ करने है अदा

पुणे. शहर में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है. ऐसे में 31 मार्च से पहले से यानी वित्तीय साल खत्म होने से पहले सभी विकास काम करने को लेकर मनपा द्वारा जल्दबाजी की जा रही थी. नगरसेवक भी काम अधूरा ना रहें, इस वजह से काम करने को लेकर जल्दबाजी कर रहे थे. 

इसके अनुसार 20 मार्च तक वर्क आर्डर दिए गए कामों के लिए 30 मई तक का अवधि बढ़ाया गया था. ऐसे विगत साल के कामों के कुल 672 करोड़ अदा करने है. यह निधि अब मौजूदा बजट से अदा किया जाएगा. क्योंकि विगत साल आमदनी कम और खर्चा ज्यादा हुआ था. इसके लिए नगरसेवकों के ‘स’ सूची का इस्तेमाल किया जाएगा. इस सूची से लगभग 25 फीसदी कटौती की जाएगी. इससे नए काम करने के लिए नगरसेवकों को कम निधि मिलेगा. साथ ही पूंजीगत कामों में से भी कटौती की जाएगी. इससे संबंधित प्रस्ताव प्रशासन द्वारा स्थायी समिति के समक्ष रखा है.

विकास काम करने बढ़ाया था अवधि

ज्ञात हो कि पूरे विश्व में कोरोना को लेकर चिंता जताई जा रही है. देश में राष्ट्रीय आपदा घोषित की गई है. राज्य में पुणे शहर में सबसे ज्यादा कोरोना बाधित मरीज मिले हैं. इस वजह से महापालिका द्वारा युद्धस्तर पर उपाय योजनाएं की जा रही है. तो दूसरी ओर मनपा द्वारा शहर में विकास काम भी किए जा रहे है. 31 मार्च से पहले से यानी वित्तिय साल खत्म होने से पहले सभी विकास काम करने को लेकर मनपा द्वारा जल्दबाजी की जा रही थी. 

नगरसेवक भी काम अधुरा ना रहें, इस वजह से काम करने को लेकर जल्दबाजी कर रहे थे.  नगरसेवकों के ‘स’ सूची के अनुसार ये काम किए जा रहे थे. अधिकारी व ठेकेदार के माध्यम से ये काम किए जा रहे थे.  इस वजह से कोरोना का डर खत्म होने तक यानी लगभग 2 माह तक ये विकास काम रोक दिए जाए व इसका अवधि 31 मई तक बढ़ाने की मांग नगरसेवकों द्वारा की जा रही थी. इसके अनुसार 20 मार्च तक वर्क आर्डर दिए गए कामों के लिए 30 मई का अवधि बढ़ाया गया था.

विगत साल मिल चुके 4374 करोड़

ज्ञात हो कि 2019-20 का बजट स्थायी समिति ने करीब 6 हजार 765 करोड़ का पेश किया था. इतना निधि जमा करने का उद्देश भी रखा गया था, लेकिन असल में महापालिका को विगत वित्तीय साल में सिर्फ 4 हजार 374 करोड़ रूपए मिल चुके हैं. यानी लगभग 2391 करोड़ का घाटा हुआ है. ऐसे में कोरोना के चलते कामों पर भी असर हो रहा था. विगत दो माह में ये काम पुरे किए हैं. लेकिन इसका खर्चा अब मौजूदा बजट से करना होगा. क्योंकि लगभग 672 करोड़ रुपए अब अदा करने हैं. इसमें नगरसेवकों के करीब 297 करोड़ के काम हैं. तो मुख्य भवन के 375 करोड़ के काम है. इसकी मार अब नगरसेवकों को सहनी पड़ेगी. मौजूदा बजट से नगरसेवकों के स सूची को 25 प्रतिशत कटौती कर ये बील अदा किए जाएंगे. साथ ही बजट के पूंजीगत कामों में भी कटौती की जाएगी. इससे संबंधित प्रस्ताव प्रशासन द्वारा स्थायी समिति के समक्ष रखा है. इस पर समिति की आगामी बैठक में चर्चा होगी.

2019-20 वित्तीय साल में कम आय मिलने से साथ ही निर्धारित समय में काम पूरे ना होने से 672 करोड़ का बोझ आया है. नगरसेवकों के निधि से यह खर्चा देने को लेकर पहले से ही चर्चा हो चुकी है. नगरसेवकों के सूची के साथ पूंजीगत कामों में कटौती कर यह निधि अदा किया जाएगा.  – उल्का कलसकर, मुख्य लेखापाल, मनपा