लोगों से मिलने मनपा आयुक्त ने कराया घंटों इंतजार

  • बीजेपी नेताओं संग 'चाय पे चर्चा' में मशगूल
  • वंचित युवा आघाडी ने किया गांधीगिरी आंदोलन

पिंपरी। नागरिकों से मिलने के लिए निर्धारित किए गए समय में पिंपरी चिंचवड मनपा आयुक्त श्रावण हर्डिकर सत्तादल भाजपा के पदाधिकारी और नगरसेवकों के साथ एंटी चेंबर में ‘चाय पे चर्चा’ में मशगूल हैं। लोगों की शिकायतें सुनने के लिए उनके पास समय ही नहीं है। करीबन डेढ़ घंटे तक एंटी चेंबर से बाहर न आने से उनके इंतजार में बैठे वंचित युवा आघाडी के नेताओं ने मनपा आयुक्त कार्यालय के बाहर बैठकर गांधीगिरी स्टाइल में आंदोलन किया।

मनपा के सुरक्षाकर्मियों में मचा हड़कंप  

अचानक शुरू हुए इस आंदोलन से मनपा के सुरक्षाकर्मियों में हड़बड़ी मच गई। उन्होंने आंदोलन करनेवालों को काफी समझाने की कोशिश की मगर वे आयुक्त से ही बात करने को लेकर अड़े रहे। बाहर हो रहे हंगामे की आवाज सुनकर और सुरक्षाकर्मियों द्वारा सूचित किये जाने के बाद मनपा आयुक्त अपने एंटी चेंबर से बाहर आये। इसके बाद उन्होंने लोगों से। मिलना और उनकी दरकार सुनना शुरू किया।

झुग्गीधारकों के मसले पर उनसे मिलने गए वंचित युवा आघाडी के नेताओं से भी चर्चा की और उनका मसला जल्द हल करने का भरोसा दिलाया। मनपा द्वारा विकसित स्पाइन रोड से प्रभावित झुग्गियों को पिछले 11 वर्षों से पुनर्वासित नहीं किया गया है। चूंकि सेक्टर 22 संग्रामनगर के नागरिकों का पुनर्वास नहीं किया गया था, इसलिए मनपा आयुक्त श्रावण हार्डिकर से मिलने के लिए वंचित युवा मोर्चा के गुलाब पानपाटिल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचा था। मनपा आयुक्त रोज शाम 4 बजे से शाम 6 बजे तक नागरिकों से मिलते हैं।मगर वे सत्तारूढ़ भाजपा के पदाधिकारियों और नगरसेवकों के साथ एंटी चेंबर में बैठे थे।डेढ़ घंटे तक बैठने के बाद भी वे एंटी चैंबर से बाहर नहीं आ रहे थे।

पहले से दिया था समय 

नागरिकों से मिलने के लिए दिए गए समय में, वह सत्ताधारी भाजपा के पदाधिकारियों और नगरसेवकों के साथ चाय पर चर्चा कर रहे थे और कई नागरिकों को उनके इंतजार में बैठना पड़ा। उसमें कई बुजुर्ग भी शामिल थे इसके बाद भी आयुक्त के पीए ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। आमजनों को हो रही असुविधा को ध्यान में लेकर गुलाब पानपाटिल और वंचित युवा मोर्चा के अन्य सहयोगियों ने आयुक्त कार्यालय के सामने एक स्टैंड लिया और वहीं आंदोलन शुरू कर दिया। इससे सुरक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी मिलने के बाद आयुक्त एंटीचैम्बर से बाहर आए। उन्होंने नागरिकों से मिलना शुरू कर दिया, साथ ही साथ झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों से भी उनकी बातें सुनीं। पानपाटिल ने कहा कि आयुक्त ने आश्वासन दिया कि जल्द ही झुग्गीधारकों के पुनर्वसन के बारे में ठोस फैसला किया जाएगा।