टैक्स से मनपा को मिले 837 करोड़

  • विगत साल मिले थे 897 करोड़

पुणे. महापालिका की ओर से टैक्स भरने के लिए मनपा द्वारा पूरी तरह से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है. इसके अनुसार लोगों द्वारा टैक्स का भुगतान करना शुरू किया गया है. साथ ही CFC केंद्रों पर भी सुविधा दी गई है. 

पहले 2 माह में महापालिका टैक्स विभाग को इसके तहत करीब 349 करोड़ 94 लाख की आय हुई थी.  हर साल की तरह नागरिकों को 5 से 10 प्रतिशत सहूलियत भी मिली है. यह सहूलियत 30 जून तक दी गई थी. जो अप्रैल और मई माह तक होती है. सहूलियत देने के बाद जून माह में टैक्स से मनपा तिजोरी में  285 करोड़ जमा हुए हैं. तो अप्रैल से अब तक करीब 837 करोड़ की आय हुई है. विगत साल इसी दिन मनपा को करीब 897 करोड़ की मिल चुकी थी. ऐसी जानकारी मनपा प्रशासन द्वारा दी गई.

सहूलियत के चलते अच्छी कमाई

महापालिका की ओर से दिसंबर आखिर तक टैक्स ना भरनेवालों से करीब 2 प्रतिशत का दंड वसूला जाता है. इस वजह से मनपा मार्च और अप्रैल माह तक बिल वितरीत करने की प्रक्रिया पूरी कर देती है. लेकिन अब लॉकडाउन की वजह से बिल छपाई को लेकर दिक्कतें आ रही हैं. इस वजह से टैक्स भरने के लिए मनपा द्वारा पूरी तरह से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई थी. साथ ही हर साल की तरह नागरिकों को 5 से 10 प्रतिशत सहूलियत भी दी गई थी. यह सहूलियत 30 जून तक जारी थी. प्रशासन के अनुसार सहूलियत देने की वजह से लोगों ने अच्छा भुगतान किया है. जून माह में लगभग 1 लाख 79 हजार 670 लोगों ने 285 करोड़ 34 लाख के टैक्स का भुगतान किया है. इसमें ऑनलाइन के माध्यम से टैक्स भरने का प्रमाण ज्यादा है.

विगत साल से 60 करोड़ कम

मनपा प्रशासन के जानकारी के अनुसार पहले 2 माह में महापालिका टैक्स विभाग को इसके तहत करीब 349 करोड़ 94 लाख की आई मिली थी. इस बीच  हर साल की तरह नागरिकों को 5 से 10 प्रतिशत सहूलियत भी मिली है. सहूलियत देने के बाद जून माह में टैक्स से मनपा तिजोरी में 285 करोड़ मिले हैं. तो अप्रैल से अब तक करीब 837 करोड़ की आय मिली है. 5 लाख 2 हजार 229 लोगों ने टैक्स का भुगतान किया है. इसमें ऑनलाइन का प्रमाण लगभग 80% है. विगत साल इसी दिन मनपा को करीब 897 करोड़ की मिल चुकी थी. लगभग 60 करोड़ मार कोरोना की वजह से मनपा को सहनी पड़ी है. लेकिन यह ज्यादा नुकसान नहीं है. ऐसी जानकारी मनपा प्रशासन द्वारा दी गई.

2 अक्टूबर से ‘अभय योजना’

पिछले साल शहर में बारिश के कारण हुए आर्थिक नुकसान के साथ-साथ इस साल कोरोना के प्रकोप से होने वाले आर्थिक नुकसान का असर रोजगार, उद्योग और व्यापार पर पड़ा है. इसलिए यदि अभय योजना लागू किया जाता है, तो नागरिकों के लिए मनपा के बकाया का भुगतान करना संभव होगा और यह मनपा की वित्तीय आय को बढ़ाने में मदद करेगा. मनपा समय-समय पर बकाया के लिए अभय योजना लागू कर चुका है. इसी पृष्ठभूमि पर स्थायी समिति सदस्यों ने प्रस्ताव में मांग की थी कि मोबाइल टावरों के बकाए को छोड़कर अन्य प्रतिष्ठानों के लिए योजना को 2 अक्टूबर से 30 नवंबर 2020 तक दो महीने के लिए लागू किया जाना चाहिए. उसे हाल ही में मंजूरी दी है.