मनपा मेडिकल कॉलेज मामला : परिसर के अतिक्रमण हटाएं

–  महापौर के स्वास्थ्य विभाग से निर्देश  

पुणे. स्व. अटलबिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला महापालिका प्रशासन लिया है. यह कॉलेज ट्रस्ट के तहत बनाने के लिए आम सभा ने मंजूरी भी दी थी. अंतिम मुहर के लिए मनपा ने यह प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा था. सरकार ने उसे मंजूरी दी है. कॉलेज चलाने के लिए आवश्यक 595 पदों की भर्ती ट्रस्ट की वजह से की जाएगी. मनपा प्रशासन ने तत्काल इसकी प्रक्रिया शुरू की है. 

इस बीच संबंधित जगह का सर्वे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश महापौर ने प्रशासन से दिए है. वहां का अतिक्रमण हटाकर काम किस तरह से शुरू किया जा सकता है, इस पर फोकस करने के लिए भी महापौर ने कहा है. वहां पर कई क्वार्टर हैं. उसे भी वहां से निकालने की प्रक्रिया करें. ऐसे निर्देश महापौर ने स्वास्थ्य विभाग से दिए है.

ट्रस्ट निर्माण की प्रक्रिया जारी

यह कॉलेज शुरू करने को लेकर विगत 10 साल से सिर्फ चर्चा की जा रही थी, लेकिन असल में इस पर अभी तक कोई काम नहीं किया गया था. सलाहकार ने विभिन्न 4 मॉडल मनपा प्रशासन के समक्ष रखे थे. इसके तहत अब इस कॉलेज को ट्रस्ट बना दिया जाए, उसे सरकारी रखा जाए व उस पर पूरी तरह से मनपा की मालकी हो, या उसे पीपीपी मॉडल पर बनाया जाए, इस तरह के ये 4 मॉडल थे. इसमें से एक मॉडल को चुना गया है. ट्रस्ट के माध्यम से इसे चलाने का निर्णय लिया गया है. इस ट्रस्ट में एक कार्यकारी समिति होगी. उसमें मनपा आयुक्त, स्थायी समिति अध्यक्ष, अतिरिक्त आयुक्त, स्वास्थ्य अधिकारी होंगे. साथ ही कॉलेज बनने के बाद उसके लिए 595 पद भी भरे जाएंगे. इस कॉलेज के निर्माण के लिए करीब 622 करोड़ का खर्चाआएगा.  

बजट में 5 करोड़ का प्रावधान

जारी बजट में भी इस कॉलेज के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है. आगामी 7 साल में यह काम विभिन्न 10 चरणों में किया जाएगा. डा. नायडू अस्पताल परिसर में मनपा की जो 42 एकड़ जगह हैं, उस पर यह प्रकल्प बनाया जाएगा. इस प्रस्ताव को आम सभा की मंजूरी लेकर उसे अंतिम मंजूरी के लिए महापालिका ने राज्य सरकार के पास भेजा था, लेकिन सरकार ने इस पर आपत्ति जताई थी. लेकिन अब सरकार ने भी इसे हरी झंडी दिखाई है. उसके अनुसार प्रशासन ने भी ट्रस्ट निर्माण की प्रक्रिया शुरू की है.

प्रशासन के साथ जगह का अवलोकन  

इस बीच, महापौर मुरलीधर मोहोल ने  हाल ही में प्रशासन के साथ बैठक कर जगह का सर्वे करने के निर्देश प्रशासन से दिए थे. उसके अनुसार वहां जो भी अतिक्रमण है, उसे हटाकर वहां निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू करने प्रशासन से कहा था. उसके बाद महापौर ने प्रशासन के साथ जगह का अवलोकन किया. परिसर में कई क्वार्टर हैं. वहां मनपाकर्मी रहते हैं. उन्हें दूसरी जगह पर ले जाने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग से दिए. उसके अनुसार स्वास्थ्य विभाग काम में लगा हुआ है.