10  हॉस्पिटलों में संक्रमितों के इलाज का खर्च मनपा उठाएगी

पुणे. पुणे मनपा और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के लिए जो नागरिक पात्र नहीं होंगे, लेकिन जिनके पास पीला और केसरिया राशन कार्ड है. ऐसे कोरोना संक्रमित पेशेंटों को मनपा द्वारा समझौता किए 10 प्राइवेट हॉस्पिटलों में इलाज कराने पर उनके बिलों की रकम मनपा द्वारा सीएचएस दरों से जमा की जाएगी, लेकिन जिन पेशेंटों की आर्थिक स्थिति अच्छी होगी, वे नागरिक इस योजना के लाभार्थी नहीं होंगे. यह मनपा की ओर से स्पष्ट किया गया है.

 पुणे मनपा की ओर से कोरोना का संक्रमण रोकने विभिन्न उपायों पर अमल किया जा रहा है. विशेष प्रयास भी किए जा रहे हैं. शहर के कोविड-19 संक्रमितों का इलाज करने के लिए मनपा ने 10 प्राइवेट हॉस्पिटलों के साथ समझौते किए हैं, उन हॉस्पिटलों में बेड भी रिजर्व रखे गए हैं. इनके अनुसार इलाज और मेडिकल सेवा उपलब्ध कराना प्राइवेट हॉस्पिटलों के लिए अनिवार्य किया गया है.

1 लाख से कम होनी चाहिए वार्षिक आय

पुणे मनपा की शहरी गरीब मेडिकल सहायता योजना के अंतर्गत पात्र नागरिकों को मनपा द्वारा शहर के कोरोना संक्रमित पेशेंटों का इलाज करने समझौता किए गए प्राइवेट हॉस्पिटलों में इलाज कराने पर नियम के अनुसार मेडिकल सेवा दी जाती है, लेकिन उसके लिए मनपा सीमा का निवासी होने वाले पीला या केसरिया राशन कार्ड और सालाना इन्कम एक लाख रुपए से कम होना जरूरी है. साथ ही राज्य सरकार की महात्मा ज्योतिबा फुले जन स्वास्थ्य योजना, आयुष्यमान भारत योजना, जनरल इंश्योरेंस पब्लिक सेंटर एसोसिएशन और पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट आदि योजनाओं पर अमल किया जा रहा है. इन योजनाओं के अंतर्गत पात्र होने वाले लाभार्थियों को मापदंड के अनुसार लाभ दिए जा रहे हैं. इसलिए ज्यादा से ज्यादा नागरिकों द्वारा इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील मनपा की ओर से की गई है.

 पीला और केसरिया राशनकार्ड धारक होंगे लाभान्वित

जो नागरिक इन योजनाओं में पात्र नहीं होंगे और पीला और केसरिया राशन कार्ड धारक हैं, उन्हें मनपा द्वारा समझौता किए 10 प्राइवेट हॉस्पिटलों में कोविड – 19 का इलाज कराने पर बिलों को पुणे मनपा द्वारा तय की गई नीति के अनुसार सीएचएस दरों से मनपा द्वारा किए जाएंगे. जिन पेशेंटों की आर्थिक स्थिति अच्छी है, जो अपना खर्च स्वयं कर सकते हैं, वे नागरिक इन योजनाओं के लाभार्थी नहीं हो सकेंगे. उनके बिलों को मनपा द्वारा चुकाया नहीं जाएगा, यह मनपा की ओर से स्पष्ट किया गया है.