एजेंडा बनाने की बजाए शांति के लिए काम करे मीडिया

पुणे. देश में मीडिया द्वारा कोई भी एजेंडा बनाने की बजाए विश्व शांति के लिए काम करना चाहिए. बढ़ती पीत पत्रकारिता के युग में पत्रकारों के लिए स्वनियमन का महत्व बेहद महत्वपूर्ण है. इस क्षेत्र में काम करते समय उन्हें तटस्थ रहना चाहिए. यह राय द हिंदू पब्लिसिंग ग्रुप के संचालक और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. एन. राम ने रखी. वह एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, पुणे द्वारा आयोजित 4 दिवसीय ऑनलाइन दूसरा राष्ट्रीय मीडिया एवं पत्रकारिता सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में वे बोल रहे थे. सम्मेलन का मुख्य विषय दुनिया में शांति स्थापित करने में मीडिया की भूमिका थी.

नैतिकता का मुद्दा महत्वपूर्ण 

उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने अमेरिका और भारत सहित अन्य देशों मे मीडिया की स्थिति खराब कर दी है. वर्तमान में यह कहना संभव नहीं है कि नागरिक मीडिया पर कितना भरोसा करते हैं. केवल समय ही बताएगा कि मुख्यधारा की मीडिया, डिजिटल मीडिया और विभिन्न भाषाओं की पत्रकारिता को लोकतंत्र में कैसे बचाया जाएगा. इसमें नैतिकता का मुद्दा महत्वपूर्ण है. एक पत्रकार को अपने स्वयं के स्वास्थ्य की देखभाल कर तटस्थ पत्रकारिता करनी चाहिए. मीडिया को समाज में शांति बनाने के लिए काम करना चाहिए. श्रवण गर्ग ने कहा, नैतिकता के बिना पत्रकारिता नहीं हो सकती. चूंकि विश्व शांति एक वैश्विक अवधारणा है, इसके लिए नैतिक पत्रकारिता की आवश्यकता है. इस क्षेत्र में दोनों पक्षों को समझना और विचार रखने होते है. चुनावी दौर में देश और विदेशों में फेक न्यूज का बोलबाला है, इसका असर समाज में अपने आप दिखाई देता है. पत्रकारों को इसे पहचानना चाहिए.

पर भारतीय मीडिया की क्षमता को पहचानें

 संजय बारू ने कहा कि वर्तमान में मीडिया काफी चुनौतियों का सामना कर रहा है. विश्व स्तर पर भारतीय मीडिया की क्षमता को पहचानें. आज तक दुनिया की खबरों की खबर लेने वाले क्वालिटी जर्नलिस्ट नहीं है. हालांकि यह एक समाचार पत्र है जिसे न्यूज टिप्स मिलते हैं, लेकिन इन समाचारों का सटीक कवरेज अभी तक नहीं देखा गया है. 

मीडिया किसी शहर या भाषा तक सीमित नहीं

आलोक मेहता ने कहा कि मीडिया को समाज में प्रचार प्रसार नहीं करना चाहिए. आजकल क्षेत्रीय टीवी, समाचार पत्र, यूटुब्स का समाज पर अधिक प्रभाव है. सोशल मीडिया और मोबाइल के बढ़ते प्रभाव का भी यही हाल है. मीडिया किसी शहर या भाषा तक सीमित नहीं है. इसलिए इस क्षेत्र में नैतिकता महत्वपूर्ण है.

पत्रकारिता की नैतिकता का पालन करना चाहिए

पद्मश्री डॉ. पुष्पेष पंथ ने कहा कि मीडिया समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. लेकिन उन्हें पत्रकारिता की नैतिकता का पालन करना चाहिए. मीडिया और सरकार के बीच संबंधो की जांच करना महत्वपूर्ण है. 

मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण 

प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड ने कहा कि करोना वायरस ने दुनिया में डर का माहौल पैदा किया है. ऐसे में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है. जैसा कि स्वामी विवेकानंद ने भविष्यवाणी की थी, विज्ञान और आध्यात्मिकता के संयोजन के माध्यम से दुनिया में शांति आएगी. उसके लिए मीडिया को समाज में सुख, संतोष और शांति लाने का प्रयास करना चाहिए. राहुल विश्वनाथ कराड ने कहा कि  मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और समाज में इसकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. पत्रकारिता समाज में शांति बनाने में मदद करेगी. मीडिया एक व्यवसाय नहीं हैं, लेकिन आज समाज की स्थिति को देखते हुए यह धीरे-धीरे एक व्यवसाय बनता जा रहा है.