मेडिकल कॉलेज : सरकार से आवश्यकता प्रमाणपत्र प्राप्त !

  • अब नाशिक विद्यापीठ की टीम करेगी अवलोकन

पुणे. नाशिक स्थित महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने एनएमसी के महापालिका के महत्वाकांक्षी मेडिकल कॉलेज के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. साथ ही अगले शैक्षणिक वर्ष (2021-22) में 100 छात्रों के साथ इस कॉलेज को शुरू करने के लिए राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा विभाग को सिफारिश की है. उसके बाद सरकार के चिकित्सा विभाग ने शहर में आकर अवलोकन किया. साथ ही इसको लेकर सकारात्मक रवैया दिखाया. मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यकता प्रमाणपत्र की जरूरत थी. इस पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर हुए हैं व यह प्रमाणपत्र अब महापालिका को प्राप्त हुआ है. सरकार ने हरी झंडी दिखाने के बाद अब मनपा के लिए यह सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. अब नाशिक विद्यापीठ द्वारा कॉलेज का अवलोकन होगा. उसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए कॉलेज का प्रस्ताव केंद्र के एमसीए को भेजा जाएगा. ऐसी जानकारी महापालिका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अंजली साबणे ने दी. 

नाशिक विद्यापीठ ने पहले ही दी है मंजूरी 

महापालिका भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करेगा. यह अवधारणा मेयर मुरलीधर मोहोल द्वारा प्रस्तावित की गई थी, जब वह स्थायी समिति के अध्यक्ष थे. फॉलो-अप के दो साल बाद, महाविद्यालय की मंजूरी के साथ महाविद्यालय के लिए एक ट्रस्ट बनाया गया है. इस मेडिकल कॉलेज के लिए महापालिका ने बजट में प्रावधान किया है. 

कॉलेज को गुजरात के अहमदाबाद नगर निगम द्वारा स्थापित मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर बनाया जाएगा. इस कॉलेज के लिए डॉ. नायडू अस्पताल की बारह एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है.  कॉलेज के लिए ट्रस्ट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद ट्रस्ट को चैरिटी कमिश्नर के साथ पंजीकृत किया गया था.  मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव मुंबई में चिकित्सा शिक्षा निदेशक और नासिक में महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को भेजा गया था.  प्रस्ताव को विश्वविद्यालय ने स्वीकार कर लिया है. प्रस्ताव के अनुसार, एमओयू के नियमों और शर्तों के अधीन, शैक्षणिक वर्ष 2021-22 से 100 छात्रों की क्षमता वाला एक कॉलेज शुरू करने के लिए राज्य सरकार को सिफारिश की गई है. प्रस्ताव पांच साल के लिए वैध होगा.

मेडिकल कॉलेज शहर के लिए आवश्यक 

इस कॉलेज को शुरू करने के लिए राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा विभाग को सिफारिश की है. उसके बाद सरकार के चिकित्सा विभाग ने शहर में आकर अवलोकन किया. साथ ही इसको लेकर सकारात्मक रवैया दिखाया. मेडिकल कॉलेज के लिए एसेंशिअलिटी सर्टिफिकेट यानी आवश्यकता प्रमाणपत्र की जरुरत होती है.  इस पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर हुए है व यह प्रमाणपत्र अब महापालिका को प्राप्त हुआ है. शहर के लिए मेडिकल कॉलेज आवश्यक है, ऐसा सरकार का मानना है. सरकार ने हरी झंडी दिखाने के बाद अब मनपा के लिए यह सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. अब नाशिक विद्यापीठ द्वारा कॉलेज का अवलोकन होगा. उसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए कॉलेज का प्रस्ताव केंद्र के एमसीए को भेजा जाएगा. 

मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए अंतिम प्रस्ताव सरकार के महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज को भेजा गया था. इसे मंजूरी दे दी गई है और कॉलेज की चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा विभाग के लिए सिफारिश की गई है. उसके बाद सरकार के चिकित्सा विभाग ने शहर में आकर अवलोकन किया. मेडिकल कॉलेज के लिए एसेंशिअलिटी सर्टिफिकेट यानी आवश्यकता प्रमाणपत्र की जरूरत होती है.  इस पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर हुए हैं व यह प्रमाणपत्र अब महापालिका को प्राप्त हुआ है. यह मनपा की बड़ी उपलब्धि है. 

 -डॉ. अंजली साबणे, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, महापालिका