टेक्निकल विभाग के 1 लाख से ज्यादा छात्र देंगे परीक्षा

  • ऑनलाइन परीक्षा के लिए मोबाइल महत्वपूर्ण

पुणे. महाराष्ट्र राज्य टेक्निकल शिक्षा मंडल के पॉलिटेक्निक के फाइनल वर्ष की परीक्षा लगभग 1 लाख छात्र ऑनलाइन देंगे. इस परीक्षा के लिए छात्रों का मोबाइल नंबर महत्वपूर्ण है. परीक्षा शुरू होने पर रजिस्टर अधिकृत नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा. इसलिए गलत मोबाइल नंबर देने पर छात्र परीक्षा नहीं दे सकेंगे. यह आशंका टेक्निकल शिक्षा मंडल के अधिकारियों ने जताई है.

अखिल भारतीय टेक्निकल शिक्षा परिषद मान्यता प्राप्त अभियांत्रिकी व औषध निर्माण और शासन मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों की फाइनल परीक्षा व प्रैक्टिकल परीक्षा, थ्योरी परीक्षा ऑनलाइन ली जाएगी. इस द्वारा पॉलिटेक्निक के फाइनल वर्ष की थ्योरी परीक्षा 5 से 15 अक्टूबर और नॉन एआयसीटीई पाठ्यक्रमों की थ्योरी परीक्षा 25 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित की गई है. दोनों परीक्षा का रिजल्ट 31 अक्टूबर को घोषित किया जाएगा. परीक्षा में छात्रों को 1 घंटे में 40 से जादा सवालों के जवाब देने हैं. कोरोना के समय में 90% पाठ्यक्रम पूरा हुआ है. इसके आधार पर छात्रों को 100% मार्क दिए जाएंगे.

छात्रों पर सर्वे किया गया

परीक्षा के लिए राज्य टेक्निकल शिक्षा मंडल द्वारा छात्रों पर सर्वे किया गया. इसमें फाइनल ईयर की परीक्षा देते समय छात्रों के पास किस प्रकार की सामग्री उलपब्ध है. कम्प्यूटर, लैपटॉप, आयपैड, मोबाइल व अन्य सामग्री की क्षमता विषय, ग्रामीण इलाके के लोड शेडिंग की जानकारी तथा इंटरनेट कनेक्शन व स्पीड की जानकारी ली गई. इस बीच सर्वे में छात्रों के मोबाइल नंबर के साथ जानकारी ली गई. इसमें छात्रों ने सर्वे में तथा परीक्षा के फॉर्म पर अलग अलग नंबर, साथ में गलत नंबर लिखने की बात सामने आई है. इस कारण पॉलिटेक्निक संस्थाओं ने आनेवाले 22 सितंबर तक छात्र किस नंबर का अधिकृत रजिस्ट्रेशन करते हुए परीक्षा देंगे. यह निश्चित करने के लिए कहा गया है. गलत नंबर देने से परीक्षा देना संभव नहीं हुवा. तो इसे छात्र व संस्था जिम्मेदार रहेगी. ऐसे राज्य टेक्निकल मंडल द्वारा स्पष्ट किया गया है.

छात्रों की प्रैक्टिस परीक्षा

छात्रों को परीक्षा का स्वरूप और किस प्रकार परीक्षा होगी. इसकी जानकारी हो इसलिए संस्थात्मक स्तर पर परीक्षा से पहले प्रैक्टिस परीक्षा लेना आवश्यक है. इससे छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा की प्रैक्टिस मिलेगी. फाइनल परीक्षा देते समय प्रैक्टिस परीक्षा से किसी भी प्रकार दिक्कत नहीं होगी. ऐसे राज्य टेक्निकल मंडल द्वारा बताया गया है.