Municipal Secretary Appointment Process Despite being a statutory post, low grade pay!

    पुणे. पुणे महानगरपालिका (Pune Municipal Corporation)में कमिश्नर (Commissioner) और अतिरिक्त आयुक्त (Additional Commissioner) पद के बाद नगरसचिव पद समेत 4 पद वैधानिक माने जाते है। फ़िलहाल महानगरपालिका में नए नगरसचिव पद के नियुक्ति (Appointment) की प्रक्रिया चल रही है। उसके लिए ग्रेड पे (Grade Pay) सिर्फ 6600 किया है। शेष वैधानिक पदों के ग्रेड पे इससे कई गुना ज्यादा है। 

    साथ ही तत्कालीन कमिश्नर शेखर गायकवाड़ ने सातवें आयोग का प्रस्ताव तैयार करते समय उच्चतम ग्रेड पे देने की सिफारिश की थी। इसके अनुसार सभी विभाग प्रमुखों को 7600 ग्रेड पे मिल रहा है। लेकिन अब जो नया नगरसचिव होगा उसका ग्रेड पे कम होने से उनका वेतन भी कम हो जाएगा। साथ ही जिन्हें यहां आकर वेतन बढ़ने की उम्मीद थी। उन्हें भी उतना वेतन नहीं मिल पाएगा। इसको लेकर अब सामान्य प्रशासन विभाग के भूमिका पर सवाल उठ रहा है। 

    साक्षात्कार हुए पूरे 

    महानगरपालिका प्रशासन की मानें तो नगरसचिव नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर प्रशासन राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। इसके अनुसार पद भर्ती को लेकर प्रक्रिया तेज की गई है। इसका विज्ञापन जारी किया गया था। यह नियुक्ति प्रक्रिया ऑनलाइन तरीके से मुहैया की गई है। इच्छुक लोगों के लिए 11 जनवरी से 25 जनवरी  तक ऑनलाइन आवेदन करने का समय दिया गया था। इस पद के लिए महानगरपालिका में 5 साल के नौकरी का अनुभव, विधि शाखा की डिग्री आवश्यक है। इस कालावधि में महानगरपालिका के पास कुल 42 आवेदन प्राप्त हो चुके है। इसमें ज्यादा तर आवेदन महानगरपालिका अधिकारी और कर्मियों के हैं। इस बीच अब इन आवेदनों की छटनी की गई है। इसमें 29 लोग पात्र हुए थे।  पात्र उम्मीदवारों के साक्षात्कार 18 और 19 को लिए गए। लगभग 27 लोगों के साक्षात्कार लिए गए। अब जल्द ही किसी एक की इस पद पर नियुक्ति की जाएगी। लेकिन इस पद के ग्रेड पे को लेकर कई सवाल उठ रहे है। 

    पहले था 8900 का ग्रेड पे 

    ज्ञात हो कि महानगरपालिका स्वायत्त संस्था होने से मनपा ने अपने कई नियम बनाए थे। इसके अनुसार महानगरपालिका के कर्मियों और अधिकारियों को राज्य सरकार के कर्मियों से अधिक वेतन मिल जाता था, लेकिन इसकी शिकायते आने से अब सरकार ने उनकी तर्ज पर वेतन देने का फैसला लिया है। महानगरपालिका के विभाग प्रमुखों को पहले 8900 ग्रेड पे था। जो अब कम होकर 7600 हो गया है। सातवां वेतन आयोग बनाते समय पूर्व कमिश्नर शेखर गायकवाड़ ने उच्चतम ग्रेड पे की सिफारिश की थी। इस वजह से ग्रेड पे 7600 हुआ था। वरना यह और कम हो जाता। अब नगरसचिव की नियुक्ति के लिए विज्ञापन में 6600 ग्रेड पे तय किया गया है, जबकि महानगरपालिका अधिनियम की धारा 45 के अनुसार नगरसचिव पद वैधानिक है। कमिश्नर और अतिरिक्त आयुक्त पद के बाद शहर अभियंता, स्वास्थ्य प्रमुख, मुख्य लेखापाल और नगरसचिव पद को वैधानिक माना जाता है। शहर अभियंता का तो अतिरिक्त आयुक्त से भी ज्यादा ग्रेड पे है। फिर नगरसचिव पद पर क्यों अन्याय किया जा रहा है। ऐसा सवाल उठाया जा रहा है। क्योंकि अब इस पद पर जो लोग आएंगे, उन्हें किसी को भी ज्यादा वेतन का लाभ नहीं मिल पाएगा। कईओ का वेतन कम होगा तो कईओ का ज्यादा नहीं बढ़ पाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग पर इसको लेकर उंगली उठायी जा रही है। 

    सरकारी अधिकारी मनपा कर्मियों को करते है नजरअंदाज 

    महानगरपालिका में विगत कई दिनों से सरकारी अधिकारी बनाम मनपा अधिकारी और कर्मी ऐसी लड़ाई चल रही है। सरकारी अधिकारी नहीं चाहते कि मनपा कर्मियों को ज्यादा लाभ मिलें। खास तौर से सामान्य प्रशासन विभाग में जो उपायुक्त होता है, वह सरकार का अधिकारी होता है। उसका मनपा कर्मियों प्रति रवैया मनमाना होता है। सरकारी होने के कारन अतिरिक्त आयुक्त भी उनकी ही सुनते है। इसमें मनपा के अधिकारी और कर्मी पीस जाते है।