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  • पुणे के बीएमजे मेडिकल कॉलेज में 40 रोगियों पर होगा परीक्षण

पुणे. कोविड-19 के मरीजों के इलाज में उपयुक्त एक नई दवा का अनुसंधान हो गया है. फार्मास्‍युटिकल फर्म पीएनबी वेस्‍पर लाइफ साइंसेस ने इसकी दवा बना ली है. कोच्चि की इस कंपनी की नई दवा के परीक्षण के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की मंजूरी के बाद अब कंपनी दूसरे दौर के परीक्षण में मरीजों पर दवा का ट्रायल करेगी.यह ट्रायल पुणे के बीएमजे मेडिकल कॉलेज में 40 कोविड-19 रोगियों पर किया जाएगा.

इसके साथ ही यह दुनिया में पहली ऐसी कंपनी बन गई है, जो इस तरह का परीक्षण एक नये रासायनिक तत्व के साथ कर रही है. पीएनबी वेस्‍पर लाइफ साइंसेस के सीईओ पीएन बालाराम ने बताया कि 15 साल पुरानी कंपनी ने 6 नए रासायनिक तत्वों को बनाया है. इनमें एक सबसे नया पीएनबी-001 का कोरोनो वायरस के मरीजों के इलाज में ट्रायल किया जाएगा. पीएनबी-001 को शुरू में फेफड़े के कैंसर के लिए बनाया गया था. कंपनी ने दूसरे चरण के क्‍लीनिकल ट्रायल के लिए सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी से अनुमति हासिल कर ली है. गौरतलब है कि कंपनी की लैबोरेटरीज ब्रिटेन में हैं.

पहले चरण का क्‍लीनिकल ट्रायल अहमदाबाद में किया गया था

पीएनबी वेस्पर कोविड-19 ट्रीटमेंट के लिए नए मॉलेक्यूल का क्‍लीनिकल ट्रायल शुरू करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बन गई है.पीएनबी001 (जीपीपी-बालाडोल) का अमेरिका, यूरोप और भारत समेत कई एशियाई देशों में साल 2036 तक पेटेंट है. यह ट्रायल पुणे के बीएमजे मेडिकल कॉलेज में 40 कोविड-19 रोगियों पर किया जाएगा.बालाराम ने कहा कि पहले चरण का क्‍लीनिकल ट्रायल फरवरी में लंबादा मेडिकल रिसर्च की ओर से अहमदाबाद में 78 रोगियों पर किया गया था.पहले चरण के परीक्षणों के नतीजों के आधार पर उन्होंने कहा कि पीएनबी-001 एस्पिरिन की तुलना में 20 गुना ज्‍यादा असरदार है. साथ ही इसका रोगियों पर कोई खराब असर (Side Effects) भी दिखाई नहीं दिया है.अगर दूसरे चरण का ट्रायल सफल रहा तो कंपनी नई दिल्ली और लखनऊ के एम्‍स समेत मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और पुणे के कुछ अस्पतालों में 378 रोगियों पर तीसरे चरण का ट्रायल करेगी.