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  • फर्जी कंपनियां स्थापित कर सरकार को नुकसान पहुंचाया

पुणे. जीएसटी (गुड्स एंड सेल्स टैक्स) विभाग की इंटेलिजेंस विंग के पुणे जोन की टीम ने फर्जी कंपनी स्थापित कर उसके जरिये फर्जी लेन-देन दिखाकर करीब 52 करोड़ रुपए से भी ज्यादा राशि की जीएसटी चोरी करने के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

तुषार अशोक मुनोत  गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का नाम है. उस पर आरोप है कि उसने फर्जी कंपनियां स्थापित कर इनपुट टैक्स क्रेडिट बनाकर सरकार को नुकसान पहुंचाया है.

न्यायलयीन हिरासत में भेजा गया

तुषार मुनोत को 21 अक्टूबर को उस्मानाबाद जिले के एक गांव से गिरफ्तार किया गया.अदालत में पेश करने पर उसे न्यायालयीन हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया है.अब तक की जांच में यह साबित हो चुका है कि तुषार मुनोत फर्जी कंपनियां चला रहा है. फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट बनवाकर उसका लाभ लेने के साथ ही कोई भी वस्तु अथवा सेवा प्रदान किए बिना मुनोत ने फर्जी इनवाइस तैयार करने की जानकारी जीएसटी इंटेलिजेंस को मिली थी. उसके आधार पर यह छानबीन की गई.

कई प्रदेशों में कंपनियां

जांच में यह उजागर हुआ कि मुनोत ने महाराष्ट्र समेत मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में कुछ कंपनियां स्थापित की हैं.उन कंपनियों के माध्यम से कोई भी अथवा सेवा प्रदान किए बिना मुनोत ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट रसीदें तैयार की.उनका इस्तेमाल भी किया गया.इसके चलते सरकारी तिजोरी को 265.60 करोड़ रुपयों की टैक्सेबल वैल्यू वाली रकम पर 52.19 करोड़ रुपयों की चपत लगी. फर्जी ट्रांजेक्शन के आधार पर कुल 317.80 करोड़ रुपयों का टर्न ओवर बनाया गया था.

आगे की जांच जारी

इस रैकेट में शामिल अन्य कंपनियों की खोज करने के लिए आगे की जांच जारी है.जीएसटी इंटेलिजेंस विभाग के पुणे जोन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस मामले में उपलब्ध सबूतों के आधार पर और संबंधित व्यक्तियों  के निवेदनों से जानकारी मिली, कि तुषार अशोक मुनोत इस सारे मामले का सरगना है.

उस्मानाबाद के दुर्गम गांव में छिपा था

उसे खोजने के लिए काफी प्रयास करने के बाद वह उस्मानाबाद जिले के परांडा तहसील में एक दुर्गम गांव में मिला. मुनोत को 21 अक्टूबर को गिरफ्तार कर पुणे के न्यायालय में हाजिर किया गया.उसकी जमानत की अर्जी खारिज की गई और उसे न्यायालयीन हिरासत में रखने का आदेश दिया गया.