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पुणे. डिजिटल औऱ स्मार्ट कामकाज के दौर में ऑनलाइन धोखाधड़ी में मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. पिछले कुछ एक सालों में ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं. अब एक ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ा पुणे से सामने आया है. इसमें केवाईसी अपडेट करने के नाम पर एक बुजुर्ग से एक लाख से भी ज्यादा रुपए की धोखाधड़ी की गई है.

1.11 लाख रुपए खाते से निकाले गए

पुणे के एक 61 वर्षीय बुजुर्ग के साथ 1.11 लाख रुपये का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है. इस मामले में हैकर्स ने बुजुर्ग को फर्जी नंबर से कॉल करके केवाईसी अपडेट और एक्सटेंड कराने को बोला और बुजुर्ग इन फ्रॉड की बातों में आ गये और उन्होंने अपने बैंक अकाउंट से जुड़ी सभी डिटेल्स बता दी. बुजुर्ग ने बताया कि हैकर्स ने एसएमएस में आया नंबर बताने को कहा था, तो मैंने बता दिया. जब बुजुर्ग के अकाउंट से पैसे कट गए तब उन्होंने जाकर पूरा मामला पुलिस को बता कर मामला दर्ज करवाया.

बैंक की जानकारी शेयर न करें

गौरतलब हो कि ऑनलाइन चल रही ठगी के चलते ही बैंक और आरबीआई अपने ग्राहकों को एसएमएस और ऐड के माध्यम से बार-बार समझाता है कि इस तरह के किसी भी फ्रॉड से बचें, अपने बैंक की डिटेल्स की जानकारी किसी से शेयर मत करो, न ही किसी फ़ोन कॉल से बैंक कभी भी ग्राहक से बहुत निजी जानकारी मांगता है. इन सब के बाद भी लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, पुणे वाले मामले से पहले शुक्रवार को भी एक ऐसा ही ऑनलाइन फ्रॉड का मामला सामने आया था. जिसमें एक व्यक्ति के अकाउंट से एक लाख 96 हजार 393 रुपये निकलने का मामला दर्ज किया गया था.

एप के जरिए किया जा रहा फ्रॉड

आजकल तो हैकर्स ने एप के जरिये फ्रॉड करने का नया तरीका निकाल लिया है. इस तरीके में हैकर्स क्विक सपोर्ट एप नाम का एक ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल कर रहे हैं. हैकर्स यूजर्स को यह एप डाउनलोड करने के लिए बोलते हैं, फिर इस एप का सहारा लेकर हैकर्स बड़ी आसानी से ग्राहकों का बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं. यदि आप इन हैकर्स से बचना चाहते हैं तो नीचे लिखी इन बातों का ध्यान रखें.

* यदि आपके पास किसी का भी फर्जी कॉल और एसएमएस आता है तो उस पर ध्यान न दें.

* कोई भी डाउट होने पर अपने बैंक से संपर्क करें.

* किसी को भी कॉल पर वॉलिट से जुड़ी जानकारी मत दें.

* यदि आपको कोई केवाईसी की वेलिडिटी बढ़ाने के लिए कॉल करे, तो उसे भी कोई जानकारी न दें.

* केवाईसी और वॉलिट वैलिडेशन का नाम लेकर यदि कोई आपको किसी भी प्रकार की ऐप्लिकेशन डाऊनलोड करने बोले तो न करें. कई बार यूजर्स सोचते हैं कि एक एप्लीकेशन ही तो है, उससे क्या होगा, लेकिन उस एक ऐप्लिकेशन से हैकर्स पूरा अकाउंट खाली कर देते हैं क्योंकि एप के यूजर्स के फोन में इंस्टॉल होते ही यूजर के फोन की स्क्रीन हैकर्स को दिखने लगती है.