नहीं तो सड़कों पर उतरेंगे मराठा

  • सांसद संभाजीराजे भोसले की चेतावनी
  • शरद पवार व महाविकास आघाड़ी सरकार को घेरा

पुणे.  मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) का मुद्दा लंबित होने के साथ ही अब सारथी संस्था के तहत चलाया जाने वाला तारादूत प्रकल्प बंद पड़ चुका है। शरद पवार (Sharad Pawar) को जन्मदिन की शुभकामनाएं लेकिन छत्रपति शाहू महाराज के अनुयायी हैं तो सारथी संस्था को जारी रखने की जिम्मेदारी आपकी व महाविकास आघाड़ी सरकार की है, यदि ऐसा नहीं होगा तो मराठा समाज के लोग सड़कों पर उतर कर आंदेालन करेंगे। ऐसी चेतावनी सांसद संभाजीराजे (MP SambhajiRaje) ने शरद पवार व महाविकास आघाड़ी सरकार को दी।

 तारादूत प्रकल्प को फिर से शुरू करें

तारादूत प्रकल्प को दोबारा से शुरू करने की मांग को लेकर पुणे के सारथी कार्यालय के बाहर पिछले छह दिनों से कर्मचारी बेमियादी धरने पर बैठे हैं। इसी पृष्ठभूमि में सांसद संभाजीराजे ने आंदोलनकर्ताओं से मुलाकात की। उनसे चर्चा की। उसके बाद पत्रकारों से बात की।  संभाजीराजे ने कहा कि सारथी संस्था के माध्यम से तारादूत प्रकल्प चलाया जाता है। पर पिछले कई महीने से यह बंद पड़ चुका है। इस प्रकल्प के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारियों के सामने गंभीर समस्याएं पैदा हो गई हैं। इस मांग के लिए पिछले छह दिनों से ये सेवक सारथी संस्था के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं, पर इसकी अनदेखी महाविकास आघाड़ी सरकार कर रही है।

जल्द पवार व मुख्यमंत्री से मिलेंगे

संभाजीराजे ने कहा कि इसके लिए वे जल्द शरद पवार व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलेंगे। संभाजीराजे ने कहा कि  आज शरद पवार साहेब का जन्मदिन है, इसलिए वे उनको शुभकामनाएं देते हैं। जिस छत्रपति शाहू महाराज के नाम से यह संस्था शुरू की गई है, उसकी और किसी का ध्यान नहीं है। ऐसे में यदि शरद पवार छत्रपति शाहू महाराज के अनुयायी हैं तो इस सारथी संस्था को जारी रखने की जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने कहा कि सारथी संस्था को स्वायत्तता देने का वादा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंत्री एकनाथ शिंदे के माध्यम से दिया था। उसके दो महीने पहले उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विभाग ने सारथी संस्था को स्वायतत्ता प्रदान भी की। पर सारथी के अधिकारी कहते हैं कि धारा २५ के अंतर्गत यह स्वायतत्ता दी गई है, तो फिर यह कैसी स्वायतत्ता है। ऐसा सवाल उन्होंने उठाया। उन्होंने महाविकास आघाड़ी सरकार को चेतावनी दी कि आंदोलनकर्ताओं को दोबारा से सड़कों पर उतरना पड़ेगा।