90 आपराधिक मामलों के दुर्दांत अपराधी पर पुलिस का शिकंजा

  • 1 क्विंटल चांदी, पौना किलो सोना, 3 गाड़ियों और 1 पिस्तौल समेत 1 करोड़ से ज्यादा माल की बरामदगी
  • पिंपरी-चिंचवड़ की वाकड पुलिस के डीबी टीम की बड़ी कामयाबी
  • पुलिस कमिश्नर कृष्णप्रकाश ने डीबी टीम के लिए की इनाम की घोषणा

पिंपरी. हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूटपाट जैसी 90 आपराधिक वारदातों का आरोपी और पुलिस पर फायरिंग करने से न हिचकिचाने वाले दुर्दांत अपराधी को दबोचने में पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस को कामयाबी मिली है. विकी सिंह कल्याणी नामक इस अपराधी को वाकड पुलिस की डिटेक्शन ब्रांच (डीबी) की टीम ने उसके साथी के साथ गिरफ्तार किया है. उसके पास से 1 क्विंटल चांदी, पौना किलो सोना, 3 गाड़ियों और 1 पिस्तौल समेत 1 करोड़ से ज्यादा माल की बरामदगी की गई है. पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस कमिश्नर कृष्णप्रकाश ने वाकड पुलिस की डीबी टीम की कामयाबी की सराहना करते हुए इनाम की घोषणा की है.

34 आपराधिक मामले उजागर  

एक संवाददाता सम्मेलन में पुलिस कमिश्नर कृष्णप्रकाश ने वाकड पुलिस की इस कामयाबी की जानकारी देते हुए बताया कि विकीसिंह कल्याणी से अब तक 34 आपराधिक मामले उजागर हुए हैं. इससे पहले उसके खिलाफ 41 मामले दर्ज हैं और 15 संगीन आपराधिक वारदातों में वह बीते कई दिनों से फरार चल रहा था. इसमें पुलिस टीम पर फायरिंग औऱ हत्या और हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामले शामिल हैं. विकी सिंह जालिंदरसिंह कल्याणी (31) और विजय सिंह अंधासिंह जुन्नी उर्फ शिकलकर (19) नामक इन आरोपियों से कुल एक करोड़ 11 लाख 37 हजार रुपए के जेवर, गाड़ियां और अन्य माल बरामद किया गया है.

सराफा दुकानों में सीरियल सेंधमारी से सहमा शहर  

20 सितंबर को वाकड रोड स्थित पीआर ज्वेलर्स नामक सराफा दुकान में सेंध लगा कर तीन किलो चांदी और सोने के जेवरों की चोरी की गई. इसी रात निगड़ी के नवकार ज्वेलर्स नामक दुकान से भी 20 किलो चांदी की चोरी की गई. 26 सितंबर को पिंपरी के दुर्गा ज्वेलर्स नामक दुकान से पौना किलो चांदी के जेवर चोरी हुए. सराफा दुकानों में सीरियल सेंधमारी की वारदातों से पूरे शहर में खलबली मच गई थी और पुलिस की नींद हराम हो गई.चोरों तक पहुंचना पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस के लिए एक चुनौती बन गई थी.इस चुनौती को स्वीकार कर वाकड पुलिस की डिटेक्शन ब्रांच के सहायक पुलिस निरीक्षक हरीश माने और सिद्धनाथ बाबर के नेतृत्व में 2 टीमें गठित की गई.

10 दिनों तक पुलिस ने डाला डेरा

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि निगड़ी की सराफा दुकान में सेंधमारी की छानबीन के दौरान सीसीटीवी कैमरे में दुकान से कुछ दूरी पर एक इको कार संदिग्ध हालात में नजर आई. जानकारी जुटाने पर लोणी कालभोर और लोणीकंद से दो इको कार चोरी होने की बात सामने आई. इसके बाद पुलिस टीमों ने पुणे के खराडी, लोणीकंद, चंदननगर, वाघोली इलाकों में ध्यान केंद्रित किया और 10 दिन वहां डेरा जमाया. छानबीन में अपराधी विकी सिंह जालिंदर सिंह कल्याणी और उसका गिरोह इन वारदातों के पीछे रहने की बात सामने आई. विकीसिंह के खिलाफ 41 मामले दर्ज थे, उन मामलों में उसे गिरफ्तार भी किया जा चुका है. हत्या, हत्या के प्रयास जैसे 15 अन्य संगीन मामलों में वह फरार चल रहा था.वह हमेशा अपना नाम और रहने का ठिकाना बदलता रहता. खुद को सेना का जवान बताकर वह बड़ी आसानी से किराए का मकान हासिल करता था.

हमेशा लोडेड पिस्तौल रखता था

विकीसिंह और उसका गिरोह जिसमें ज्यादातर उसके रिश्तेदार ही हैं, पहले सराफा दुकानों की रेकी करता और फिर उसमें चोरियां करता.वारदात के दौरान वह हमेशा लोडेड पिस्तौल रखता और पकड़े जाने के जरा से शक में भी वह फायरिंग कर देता. यहां तक कि वह पुलिस टीम पर गोली चलाने से भी पीछे नहीं हटता. गत साल खड़की में उसने उसे पकड़ने की कोशिश करनेवाले पुलिस मार्शल पर फायरिंग की थी. उसे पकड़ना किसी चुनौती से कम न था.उसकी खोजबीन में जुटी वाकड पुलिस की डीबी टीम के पुलिस नाइक प्रमोद कदम को विकीसिंह के वेरना कार में घूमने की जानकारी मिली. इसके अनुसार पुलिस ने जाल बिछाकर उसे दबोच लिया. उसे हमला या प्रतिकार करने का कोई मौका न मिले इसके लिए पुलिस टीम ने पूरी सावधानी बरती क्योंकि जरा सी भी चूक किसी कर्मचारी के जान पर बन आती. उसकी तलाशी में एक देसी पिस्तौल और 5 राउंड बरामद हुए. कार में बड़े पैमाने पर सेंधमारी के लिए इस्तेमाल की जानेवाली सामग्री पायी गई.

साले और 2 अन्य के साथ दिया अंजाम

विकीसिंह ने पूछताछ में स्वीकार किया कि अपने साले और अन्य 2 लोगों के साथ मिलकर उसने पीआर ज्वेलर्स में सेंधमारी की थी. इसके बाद उसके साले विजयसिंह उर्फ जुन्नी को गिरफ्तार किया गया. अदालत ने उन्हें 12 दिन तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है.अब तक की पूछताछ में उससे वाकड थाने में दर्ज 5, चिखली में 5, देहूरोड में 3, निगडी में 6, पिंपरी में 3, चिंचवड में 2, सांगवी में 2, भोसरी में 2, एमआईडीसी भोसरी में 2, हिंजवडी में 1, लोणी कालभोर में 1, लोणीकंद में 1, वालीव थाने में दर्ज एक कुल 34 मामले उजागर हुए हैं. साथ ही एक करोड़ 11 लाख 37 हजार रुपए का माल बरामद किया गया है. इस कार्रवाई को वाकड थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक डॉ. विवेक मुगलीकर, सहायक निरीक्षक हरीश माने, उपनिरीक्षक सिद्धनाथ बाबर, कर्मचारी विक्रम जगदाले, जावेद पठाण, वजय गंभीरे, विक्रम कुदल, नितीन गेंगजे, सुरज सुतार, बापूसाहेब धुमाल, बिभीषण कन्हेरकर, बाबाजान इनामदार, शाम बाबा, नितीन ढोरजे, दीपक भोसले, सचिन नरुटे, प्रमोद भांडवलकर, प्रमोद कदम, तात्या शिंदे, प्रशांत गिलबिले, नूतन कोंडे के समावेश वाली टीम ने अंजाम दिया.