आवश्यकता के अनुसार विकास कामों को प्राथमिकता

  • अतिरिक्त आयुक्त कुणाल खेमनार की जानकारी

पुणे. महापालिका प्रशासन की ओर से आगामी साल के बजट की तैयारी शुरू कर दी है. इसको लेकर सभी विभागों के साथ बैठके ली जा रही है. इस बीच आगामी बजट में आवश्यक कामों पर जोर देने का फैसला मनपा प्रशासन द्वारा लिया गया है. जिन जगहों पर विकास काम आवश्यक है, साथ ही जहां ज्यादा विकास नहीं हुआ है, ऐसे इलाकों को फोकस कर बजट में प्रावधान किया जाएगा. उसी के अनुसार ही काम करने प्राथमिकता देने के निर्देश विभागों को दिए है. ऐसी जानकारी महापालिका अतिरिक्त आयुक्त कुणाल खेमनार ने दी.

समाविष्ट गावों के विकास पर ध्यान

ज्ञात हो कि महापालिका सिमा नए 11 गांव समाविष्ट किए गए है. इनका अभी तक पूरी तरह से विकास नहीं हो पाया है. वहां पूरी तरह से मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाई है. आगामी बजट में गावों के विकास पर फोकस कर बजट में प्रावधान किया जाएगा. ऐसा खेमनार ने कहा. खेमनार ने कहा कि साथ ही आगामी काल में नए 23 गांव समाविष्ट होंगे. उसके विकास पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा. साथ ही मनपा सिमा के कई इलाके जहां विकास आवश्यक है, ऐसे इलाकों को फोकस कर विकास करने के बारे में जोर होगा. बजट में उसी तरह से प्रावधान होगा.

बजट पर कोरोना का संकट

मौजूदा साल में मनपा बजट पर कोरोना का संकट है. साथ ही पिछले 3 वित्तीय वर्षों की समीक्षा, पूंजीगत व्यय को देखते हुए, यह देखा गया है कि पुणे शहर में विकास कार्यों पर खर्च महासभा द्वारा दिए गए अनुमान से कम है. कुल व्यय में से, राजस्व व्यय 65 से 70 प्रतिशत है और पूंजीगत व्यय 30 से 35 प्रतिशत है. वैकल्पिक रूप से, पुणे शहर का विकास ठहराव के कगार पर है.  वास्तविक जमा  सामान्य निकाय द्वारा दिए गए अनुमान के अनुसार नहीं है, व्यय प्रशासन द्वारा वहन किया जाना चाहिए जैसा कि यह है. मनपा की आय बढ़ाने के लिए एक राजस्व समिति का गठन किया गया था. प्रत्येक विभाग के प्रमुख को राजस्व कमाने का लक्ष्य दिया जाता है. यदि विभाग का प्रमुख लक्ष्य को पूरा नहीं करता है, तो राजस्व को कम किया जा सकता है, लेकिन ऐसा प्रतीत नहीं होता है.  इसके विपरीत, वसूली की लागत बढ़ रही है. लेकिन अब जारी बजट के अमल पर भी प्रशासन द्वारा ध्यान दिया गया है. आचारसंहिता के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

आगामी बजट में आवश्यक कामों पर जोर देने का फैसला मनपा प्रशासन द्वारा लिया गया है. जिन जगहों पर विकास काम आवश्यक है, साथ ही जहां ज्यादा विकास नहीं हुआ है, ऐसे इलाकों को फोकस कर बजट में प्रावधान किया जाएगा. उसी के अनुसार ही काम करने प्राथमिकता देने के निर्देश विभागों को दिए है.

– डॉ. कुणाल खेमनार, अतिरिक्त आयुक्त, मनपा.