One more death from Kovid-19 in Jammu and Kashmir, death toll 54

  •  2 जून तक 5.06 था मृत्यु का प्रतिशत

पुणे. शहर में कोरोना का प्रकोप जारी है. खास तौर से जहां पर घनी बस्तियां हैं, वहां कोरोना संक्रमितों की तादाद बढ़ती जा रही है. उसके बाद अब कन्टेनमेंट जोन के बाहर भी इसकी तादाद बढ़ती जा रही है. अब तक 800 से अधिक लोगों की मौत कोरोना की वजह से हुई हैं. मनपा प्रशासन की माने तो शहर में 2 जून तक के आकड़ेवारी के अनुसार मृत्यु दर 5.06% था. जो राज्य व देश की तुलना में ज्यादा था. 

उल्लेखनीय है कि डेढ़ माह पहले यही मृत्यु दर था. मृत्यु दर जस की तस था. लेकिन अब यह दर कम हो रहा है. यह दर अब 3.12% तक आया है. प्रशासन की योजनाए रंग ला रही है.

रिकवरी रेट 61 प्रतिशत से अधिक

ज्ञात हो कि शहर में कोरोना का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है. कोरोना से मरनेवालों की संख्या 800 तक जा पहुंची हैं. इससे शहर में चिंता का माहौल बना हुआ है. महापालिका प्रशासन की ओर से संक्रमित लोगों को ठीक करने के लिए कई सारे प्रयास किए जा रहे है, लेकिन घनी बस्तियां व झोपड़ी इलाकों में इसका प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है. संक्रमित लोगों को क्वारंटाइन करने एवं उन पर उपचार करने के लिए महापालिका प्रशासन द्वारा क्वारंटाइन कक्ष, कोविड सेंटर, फ्लू सेंटर बनाए हैं. उसमें नागरिकों को भोजन समेत सभी तरह की सुविधा दी जा रही है. इस बीच संक्रमित लोगों का रिकवर होने का दर बढ़ा है. कुल संक्रमितों से करीब 16188 लोगों को डिस्चार्ज दिया गया है. यह रेट 61.89% हैं.

 800 से अधिक मृत्यु

मनपा प्रशासन की मानो तो शहर में 2 जून तक के आकड़ों के अनुसार मृत्यु दर 5.06% था. जो राज्य व देश की तुलना में ज्यादा था. 3 जून तक 352 लोगों की जान जा चुकी थी. तो 7089 लोग संक्रमित थे. प्रशासन के अनुसार देश का मृत्यु दर 2 जून तक आकड़ों  के अनुसार 2.79% था. तो राज्य की 3.37% था. पुणे इससे भी आगे है. प्रशासन की माने तो विगत डेढ़ माह से यही दर था, लेकिन यह दर अब धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है.  यह दर अब 31.12% तक आया है. प्रशासन की योजनाए रंग ला रही है.

 दर कम करने प्रशासन प्रयासरत

इस बीच, कोरोना की वजह से बढ़ रहा मृत्यु दर कम करने के लिए इन कर्मियों से और काम करके लिया जाएगा. इस सर्वे के तहत शहर के 50 के ऊपर के नागरिक व गर्भवती महिलाओं के बीमारियों की जानकारी लेकर उनमें जनजागृति करनी है. इसमें डाईबेटिस, सभी प्रकार के कैंसर, बीपी, ओबेसिटी ऐसे बीमारियों की जांच कर उपाय योजनाएं करनी हैं. साथ ही उसके लिए और 1300 कर्मी नियुक्त किए गए हैं. इसके लिए आगामी 2 माह तक इन कर्मियों को प्रति घर 2 रूपए अतिरिक्त दिए जा रहे है. उसके लिए मनपा को लगभग 67 लाख 60 हजार की लागत आएगी. इससे संबंधित प्रस्ताव को हाल ही में स्थायी समिति ने मंजूरी दी गई है.