‘लक्ष्या’ को हमेशा ही पुणेकरों ने सराहा

  • वरिष्ठ अभिनेत्री प्रिया बेर्डे ने पति लक्ष्मीकांत बेर्डे को किया याद
  • सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट ने किया सत्कार

पुणे. ‘पुणे के साथ मेरा रिश्ता बहुत पुराना है। मेरे पति लक्ष्मीकांत बेर्डे और आप सबके प्रिय अभिनेता ‘लक्ष्या ’ की फिल्मों और नाटकों को पुणेकरों ने हमेशा ही सराहा। वे क्षण अविस्मरणीय हैं। कला क्षेत्र से प्यार करने वाले इस शहर ने कई दिग्गज कलाकारों को तैयार किया। ऐसा प्रतिपादन वरिष्ठ अभिनेत्री प्रिया बेर्डे ने किया।

डॉ. संजय चोरडिया को कोरोना योद्धा पुरस्कार

कोरोना महामारी के दौरान सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट के माध्यम से सामाजिक गतिविधियों को करने की एवज में राष्ट्रवादी कांग्रेस के पुणे जिला सांस्कृतिक विभाग की ओर से सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय चोरडिया को कोरोना योद्धा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बावधन स्थित सूर्यदत्ता कैम्पस के बन्सीरत्न सभागृह में हुए इस कार्यक्रम में बेर्डे सहित राष्ट्रवादी कांग्रेस पुणे जिला सांस्कृतिक विभाग के सदस्य, सूर्यदत्ता इन्स्टिट्यूट के प्राध्यापक और कर्मचारी आदि उपस्थित थे। इस समय बेर्डे को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पुणे जिला सांस्कृतिक विभाग के अध्यक्ष के रूप में चुनने पर सूर्यदत्ता की ओर से सम्मानित किया गया।

कलाकारों की समस्याओं को हल करेंगी

प्रिया बेर्डे ने कहा कि उनके दोनों बच्चे पुणे के कॉलेज में पढ़े हैं। सांस्कृतिक विभाग के अध्यक्ष के रूप में उनके चुनाव के बाद, वे कला के क्षेत्र में छात्रों, युवा और नवोदित कलाकारों की कलात्मक प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलों को लागू करेंगी। कलाकारों की समस्याओं को हल करने के साथ-साथ कलाकारों के लिए एक पोषण वातावरण प्रदान करने का प्रयास वे करेंगी। उन्हें खुशी है कि ‘सूर्यदत्ता’ शिक्षा के साथ-साथ कला और खेल को बढ़ावा देता है।

छात्रों को कुछ नया सीखने को मिले इसके लिए प्रयास

प्रा. डॉ. संजय चोरडिया ने विभिन्न पाठ्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सूर्यदत्ता संगठन में सभी का है। छात्रों को लगातार कुछ नया सीखने को मिले इसलिए प्रयास किया जा रहा है। हमारे पास पाठ्यक्रम हैं जो कलाओं के पूरक हैं। परफॉर्मिंग आर्ट्स, बीसीएस एनिमेशन जैसे पाठ्यक्रम हैं। पिछले साल से सूर्यदत्ता ने प्रोडक्शन्स शुरु किया है। युवाओं को अभिनय की शिक्षा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसमें आपके जैसे वरिष्ठ और अनुभवी कलाकारों के मार्गदर्शन की आवश्यकता है।