Remedisvir effective in the first 10 days of Corona

पुणे. रेमडेसिविर (Remdesivir) कोविड-19 (COVID-19) के मरीज़ों के लिए यूएस एफडीए (US FDA) से मान्यता प्राप्त वायरस रोधी दवा है। यह कोविड-19 वायरस के विभाजन को कम करती है और इसकी प्रतिकृति बनने से रोकती है। यह दवा कोविड-19 के शुरुआती चरण यानी पहले 10  दिनों में रोगियों को दी जानी चाहिए जब वायरस का सर्वाधिक विभाजन होता है। 

डॉ. प्रवीणकुमार जरग (Dr Praveenkumar Jarag) बताते हैं कि शुरुआती चरण में जब कोई व्यक्ति कोविड-19 से ग्रस्त होता है और उसमें मध्यम से गंभीर लक्षण दिखते हैं, जैसे, खांसी, छींक और बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ और ऑक्सीजन की संतृप्तता स्तर 94 से कम होती है, तब मरीज़ का रेमडेसिविर से उपचार करने से उसके फेफड़ों का संक्रमण कम होता है और मरीज़ की स्थिति गंभीर नहीं होती।

मध्यम और गंभीर मामलों में रेमडेसिविर असरदार

डॉ. जरग ने बताया कि रेमडेसिविर की दवा उन मरीज़ों के लिए भी कारगर है, जिनकी उम्र ज़्यादा है और जो अन्य रोगों, जैसे, डायबिटीज़, दिल की बीमारी, रक्त चाप की समस्या से ग्रस्त हैं। इस तरह के मरीजों को ज़्यादा खतरा होता है। रेमडेसिविर के असर के बारे में डॉ. जरग ने बताया कि सबसे पहले मरीज की स्थिति का जायज़ा लिया जाता है। यदि उसे बुखार, सर्दी, खांसी, सांस फूलने की समस्या, छाती में एचआरटीसी की संतृप्तता में कमी के परिणामस्वरूप निमोनिया हो तो रेमडेसिविर देने की अनुमति दी जाती है। यदि किसी मरीज़ को कोविड-19 से निमोनिया हो जाता है, तो उसकी स्थिति गंभीर होने का खतरा रहता है। ऐसे मरीज़ जिन पर अधिक खतरा है उन्हें अन्य उपचार के साथ रेमडेसिविर देने पर ज़रूर विचार करना चाहिए। इस तरह किसी खास साइड इफेक्ट्स के बिना कोविड-19 सभी प्रकार के मध्यम और गंभीर मामलों में रेमडेसिविर लाभदायक साबित हुई है।