RPI angry over loss of Athawale

  • राज्य सरकार के खिलाफ करेगी आंदोलन

पिंपरी. केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री (Union Minister of State for Social Justice) तथा आरपीआई पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले (RPI national president Ramdas Athawale) की सुरक्षा (Security) घटाने के राज्य सरकार के फैसले से आरपीआई के कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी है। राज्य की महाविकास आघाडी सरकार (Mahavikas Aghadi Government) ने जान बूझकर व जातीय द्वेषभावना से यह फैसला किया है, यह आरोप लगाते हुए आरपीआई की पिंपरी चिंचवड़ इकाई द्वारा बुधवार को पिंपरी चौक में आंदोलन किया गया।

राज्यभर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी

पिंपरी चौक में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के पास किये गए इस आंदोलन में आरपीआई के प्रदेश सचिव बालासाहेब भागवत ने राज्य सरकार के उक्त फैसले के खिलाफ राज्यभर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। वहीं आरपीआई के शहरध्यक्ष सुरेश निकालजे ने कहा कि आठवले दलित, शोषित, वंचित समाज के मसलों के लिए दिनरात घूमते हैं। दो साल पहले अंबरनाथ में एक सिरफिरे ने उन पर हमला करने की कोशिश की थी। तब से आठवले की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी।

राजनीति कर रही महाआघाड़ी सरकार

अब केंद्र सरकार में मंत्री रहने के बावजूद महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार ने जानबूझकर और सियासी दुर्भावना के चलते उनकी सुरक्षा घटाने का फैसला किया है। निकालजे ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए फैसले को रद्द करने और आठवले की सुरक्षा पूर्ववत करने की मांग की है। आरपीआई के ट्रांसपोर्ट मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अजीज शेख ने सवाल उठाया कि राज्य के मंत्रियों को ज्यादा और केंद्र सरकार के मंत्री को कम सुरक्षा यह राज्य सरकार और महाराष्ट्र पुलिस ने कौन सी सुरक्षा नीति अपनाई है? इस आंदोलन में आरपीआई के युवक शहराध्यक्ष कुणाल व्हावलकर, व्यापारी मोर्चा के शहराध्यक्ष दुर्गाप्पा देवकर, एम्प्लाइज फेडरेशन के जिलाध्यक्ष विनोद चांदमारे, संपर्कप्रमुख शंकर इंगले आदि शामिल थे।