आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को आखिरकार मिली गति

– वंचित घटकों के बच्चों को मिल सकेगा प्रवेश

पुणे. कोरोना संकट के दौरान जारी हुए लॉकडाउन के चलते आरटीई की प्रवेश प्रक्रिया को ब्रेक लग गया था. इस स्थिति में अभिभावक अपने बच्चों के स्कूल प्रवेश को लेकर चिंतित थे, लेकिन अब इस प्रक्रिया को सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के कारण बच्चों के स्कूली प्रवेश प्रक्रिया को गति मिलती दिखाई दे रही है.

बता दें कि शिक्षा अधिकार कानून के तहत आर्थिक दृष्टि से कमजोर तबके के बच्चों को निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश मिलता है. इसके लिए प्रतिवर्ष छात्रों के नाम की लॉटरी निकाली जाती है और लॉटरी के मुताबिक उन्हें स्कूलों में प्रवेश दिया जाता है. प्रतिवर्ष यह प्रक्रिया मार्च-अप्रैल तक पूरी हो जाती है.

लॉटरी प्रणाली से एक लाख बच्चों का चयन

इस वर्ष भी शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगवाकर 17 मार्च को लॉटरी निकाली गई. इस लॉटरी के तहत राज्य के करीब 1 लाख से अधिक बच्चों का चयन किया गया था. इसके अलावा 75 हजार 465 छात्रों की प्रतीक्षा यादी भी घोषित की गई थी. प्रवेश प्रक्रिया चल रही थी, जिससे छात्र भी अपने बच्चों के स्कूल प्रवेशों को लेकर निश्चिंत थे. लेकिन राज्य में 23 मार्च से लॉकडाउन लगाया गया, जिससे पिछले तीन महीनों से यह प्रक्रिया पूरी तरह से ठप थी. इस स्थिति में बच्चों के प्रवेश को लेकर अभिभावक काफी चिंता में डूब गए थे. अभिभावकों की ओर से बार-बार यह प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग भी हो रही थी.

अभिभावकों के लिए निर्देश जारी

अखिर में शालेय शिक्षा विभाग की ओर से इस प्रक्रिया को शुरू करने की अनुमति दे दी है. आरटीई प्रवेश की वेबसाइट पर इसके संदर्भ में बताया गया है कि, 24 जून के पश्चात लॉटरी में चुने गए छात्र का नंबर डालने पर उस छात्र को स्कूल द्वारा कब बुलाया गया है, इसकी जानकारी मिल जाएगी. इस बीच शालेय शिक्षा विभाग की ओर से कोरोना की पृष्ठभूमि पर स्कूल और अभिभावकों को कुछ कड़े निर्देश जारी किए है. इन निर्देशों के तहत ही यह प्रवेश प्रक्रिया होगी.

स्कूलों को मानने होंगे ये निर्देश

कोरोना संकट की स्थिति में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए स्कूल में छात्रों और अभिभावकों की भीड़ ना हों, इस दृष्टि से स्कूल प्रशासन नियोजन करें, प्रवेश का टाइम टेबल प्रवेश द्वार पर लगाएं, कागजातों की पड़ताल होने के बाद अभिभावकों को एलोटमेंट लेटर देकर बच्चे के प्राथमिक प्रवेश का पंजीयन कराएं, प्रवेश के लिए तीन बार अवसर दिया जाए, प्राथमिक प्रवेश दिए बच्चों को ऑनलाइन  शिक्षा दिलाई जाए, अभिभावकों द्वारा जमा किए गए कागजातों को जांच समिति की ओर पहुंचाने की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन उठाएं, प्रतिबंधित इलाकों में जो स्कूल होंगे वहां पर प्रतिबंधों में रियायत मिलने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू करें.

अभिभावकों को भी एहतियात बरतने के निर्देश

इस बीच, शालेय शिक्षा विभाग ने बच्चों के प्रवेश को लेकर अभिभावकों को भी कुछ एहतियात बरतने के निर्देश दिए है. इसमें कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से एसएमएस प्राप्त होने के बाद ही प्रवेश के लिए स्कूलों में जाएं, तय समय पर पहुंचना अगर असंभव है तो इसके संदर्भ में स्कूल प्रबंधन को जानकारी दें, अभिभावक समय-समय पर आरटीई पोर्टल से जानकारी प्राप्त करते रहें, स्कूल में जाते समय कोरोना संक्रमण को रोकने संबंधी दिए गए सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें.