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    पिंपरी. किराये पर वाहन (Vehicles) देने का झांसा देकर ठगनेवाली एक गैंग का पिंपरी-चिंचवड़ की चिंचवड़ पुलिस (Chinchwad Police) ने पर्दाफाश किया है। यह गैंग वाहनों के मालिकों के साथ अनुबंध (Contract) कर उन्हें अच्छा किराया (Rent) देने का झांसा देती और बाद में परस्पर उनके वाहनों को बेच देती थी। इस गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार (Arrested) कर पुलिस ने उनके पास से एक करोड़ 20 लाख रुपए मूल्य के 16 वाहन जब्त किए हैं। इसकी जानकारी पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस कमिश्नर कृष्ण प्रकाश ने एक संवाददाता सम्मेलन में दी।

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कल्पेश अनिल पंगेकर (33), नमन सहानी (39), सनी भाऊसाहेब कांबले (27), संदिप ज्ञानेश्वर गुंजाल (37), हितेश ईश्वर चंडालिया (27), रोनित मधुकर कदम (28) का समावेश है। इस बारे में सुनिल नामदेव राखपसरे (निवासी चिंचवड, पुणे) ने चिंचवड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

    न किराया दिया, न ही गाड़ी कभी दिखाई

    पुलिस के अनुसार, राखपसरे के परिचय के व्यक्ति के जरिए नमन सहानी और कल्पेश पंगेकर से जान पहचान हुई। उन्होंने राखपसरे को उनका वाहन किराए पर लगाने का झांसा दिया। उनके झांसे में आकर राखपसरे ने आरोपियों के साथ अपनी इरटिगा गाड़ी का अनुबंध किया। चार माह पहले वे उनकी गाड़ी ले गए, लेकिन उसके बाद न तो उन्हें कोई किराया दिया न ही उनकी गाड़ी कभी उन्हें दिखाई। जब उन्होंने आरोपियों से इसका जवाब मांगा तब उन्होंने गालीगलौज करते हुए उन्हें धमकाया। इसके राखपसरे ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।

    पुलिस ने 16 गाड़ियां बरामद की 

    मामला दर्ज करने के बाद चिंचवड़ पुलिस आरोपियों की खोजबीन में जुट गई मगर सहानी और पंगेकर हर पखवाड़े में पता बदलकर रह रहे थे। इसलिए पुलिस उन तक नहीं पहुंच पा रही थी। हालांकि बाद में पुलिस के हाथ उनकी गिरेबान तक पहुंच ही गये। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करने के बाद उनके चार साथियों को भी धरदबोचा। उन सभी के पास से इरटिगा, स्विफ्ट डिजायर, मारूती ब्रिझा, होंडा सिटी, हुंडाई असेंट जैसी 16 गाड़ियां बरामद कर ली गई। इसका मूल्य एक करोड़ 20 लाख 20 हजार रुपए बताया जा रहा है। उनसे और मामलों के उजागर होने की संभावना जताई जा रही है।